लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर बंद हुआ रेल कोच रेस्टोरेंट, पांच साल के टेंडर के बीच तीन साल में ही ठप हुआ कारोबार

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लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर बंद हुआ रेल कोच रेस्टोरेंट, पांच साल के टेंडर के बीच तीन साल में ही ठप हुआ कारोबार

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुरू किया गया रेल कोच रेस्टोरेंट बंद हो गया है। करीब तीन साल पहले शुरू हुए इस अनूठे प्रोजेक्ट का उद्देश्य पुराने रेल कोच को रेस्टोरेंट में बदलकर यात्रियों और शहरवासियों को अलग तरह का खानपान अनुभव देना था। हालांकि, अपेक्षित ग्राहक नहीं मिलने और कारोबार में लाभ न होने के कारण इसका संचालन टेंडर की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही बंद हो गया।

पांच साल के लिए हुआ था टेंडर

चारबाग स्टेशन पर रेल कोच रेस्टोरेंट के लिए करीब तीन वर्ष पहले टेंडर किया गया था, जिसकी अवधि पांच साल निर्धारित की गई थी। रेलवे ने पुरानी बोगी को आकर्षक रूप देकर इसे रेस्टोरेंट के तौर पर विकसित किया था।

2022 में सामने आई जानकारी के मुताबिक, रेलवे की Restaurant on Wheels योजना के तहत चारबाग स्टेशन पर पुराने रेल कोच को रेस्टोरेंट में बदलने की योजना बनाई गई थी। उस समय पांच साल के लिए टेंडर में करीब 1.33 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस रखा गया था।

अगस्त 2023 में रेस्टोरेंट शुरू होने के बाद यहां अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों के साथ फास्ट फूड उपलब्ध कराने की योजना थी। रेस्टोरेंट को एसी सुविधा के साथ संचालित किया गया था और इसे यात्रियों के लिए एक अलग अनुभव के रूप में पेश किया गया था।

ग्राहकों की कमी बनी कारोबार के लिए चुनौती

शुरुआत में रेल कोच रेस्टोरेंट को लेकर उत्साह नजर आया, लेकिन समय बीतने के साथ यहां ग्राहकों की संख्या अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कारोबार में पर्याप्त लाभ नहीं होने के कारण संचालक ने रेस्टोरेंट बंद कर दिया।

इस तरह पांच साल की निर्धारित टेंडर अवधि पूरी होने से पहले ही करीब तीन साल में इसका संचालन बंद हो गया। हालांकि, बंद होने के प्रशासनिक या संविदात्मक कारणों को लेकर उपलब्ध जानकारी में रेलवे की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

पहले भी सामने आई थीं संचालन से जुड़ी दिक्कतें

रेस्टोरेंट के बंद होने से पहले इसके संचालन को लेकर कुछ समस्याएं भी सामने आई थीं। मार्च 2026 में यहां गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब एक सप्ताह तक खाना तैयार नहीं हो पा रहा था और कर्मचारियों को छुट्टी दिए जाने की बात सामने आई थी। उस समय लंबे समय तक समस्या रहने पर रेस्टोरेंट बंद होने की आशंका भी जताई गई थी।

जुलाई 2025 में रेलवे निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट में गंदगी और अव्यवस्थाएं मिलने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने की भी खबर सामने आई थी। उस समय संचालक को सफाई और खानपान की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।

रेलवे के लिए क्या मायने रखता है यह बंद होना?

रेल कोच रेस्टोरेंट रेलवे की Restaurant on Wheels अवधारणा का हिस्सा था, जिसमें उपयोग से बाहर या पुरानी रेल बोगियों को व्यावसायिक उपयोग में लाने का प्रयास किया जाता है। चारबाग जैसे बड़े स्टेशन पर इसका उद्देश्य केवल खानपान की सुविधा देना ही नहीं, बल्कि यात्रियों को रेल से जुड़े अलग अनुभव के साथ एक व्यावसायिक गतिविधि उपलब्ध कराना भी था।

लेकिन चारबाग में इस प्रयोग का समय से पहले बंद होना यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि स्टेशन परिसर में इस तरह के गैर-पारंपरिक व्यावसायिक प्रोजेक्ट के लिए ग्राहकों की मांग, संचालन लागत, स्थान और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन कितना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, रेस्टोरेंट के बंद होने के बाद रेलवे की ओर से इस स्थान के भविष्य के उपयोग या नए टेंडर को लेकर कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

स्रोत-आधारित नोट: रेस्टोरेंट के बंद होने और ग्राहकों की कमी से कारोबार प्रभावित होने की जानकारी 31 अगस्त 2026 की प्रकाशित रिपोर्ट से पुष्ट होती है। इसके अलावा 2023 में इसके उद्घाटन और 2025-26 में सामने आई संचालन संबंधी समस्याओं से जुड़े पुराने रिकॉर्ड भी उपलब्ध हैं।

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