कानपुर में जमीन पर मदरसा बनवाने का दबाव? मौलाना याकूब पर निर्माण रुकवाने और धमकी देने का आरोप, FIR दर्ज

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कानपुर में जमीन पर मदरसा बनवाने का दबाव? मौलाना याकूब पर निर्माण रुकवाने और धमकी देने का आरोप, FIR दर्ज

कानपुर के जाजमऊ इलाके में एक भूखंड पर निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। बेकनगंज थाना क्षेत्र के हीरामन पुरवा निवासी मोहम्मद शाकिर ने मौलाना याकूब पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भूखंड पर चल रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया और वहां मदरसा बनवाने का दबाव बनाया। शाकिर की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने 20 नवंबर 2020 को जाजमऊ के मोतीनगर में मोहम्मद उस्मान से करीब 33.36 वर्गमीटर का भूखंड रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए खरीदा था। इसके बाद उन्होंने जमीन पर निर्माण शुरू कराया। आरोप है कि इसी दौरान मौलाना याकूब ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और भूखंड के ग्राउंड फ्लोर पर मदरसा बनाने तथा उसे स्वयं संचालित करने की बात कही।

निर्माण से इनकार पर धमकी देने का आरोप

शाकिर का आरोप है कि उन्होंने मदरसा बनाने की बात से इनकार किया तो उन्हें निर्माण कार्य करने से रोकने के साथ जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि 16 जुलाई को उनके प्लॉट पर शटरिंग का काम चल रहा था।

आरोप के मुताबिक, इसी दौरान मौलाना याकूब चार-पांच अज्ञात लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद मिस्त्री और मजदूरों को कथित तौर पर धमकाकर काम से भगा दिया गया। इसके बाद निर्माण कार्य फिर रुक गया।

चौकी पर शिकायत के बाद डीसीपी से मिले

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत शिवगोदावरी चौकी में भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता से शिकायत की।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जमीन और मदरसा निर्माण को लेकर क्या है विवाद?

मामला मूल रूप से भूखंड पर निर्माण को लेकर सामने आया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने जमीन खरीदने के बाद निर्माण शुरू किया था, जबकि मौलाना याकूब पर आरोप है कि उन्होंने वहां मदरसा बनाने का दबाव डाला और निर्माण रुकवा दिया।

फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। इसलिए मौलाना याकूब के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ और निर्माण रोकने या धमकी देने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

कानपुर में जाजमऊ क्षेत्र पहले भी मदरसों और उनसे जुड़े विवादों को लेकर खबरों में रहा है। हालांकि, इस मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार विवाद एक निजी भूखंड पर निर्माण को लेकर दर्ज शिकायत से संबंधित है।

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