आगरा: आगरा मेट्रो परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने मेट्रो निर्माण साइट से करीब 45 क्विंटल टीएमटी सरिया समेत लाखों रुपये का सामान चोरी हो गया। चोरी की जानकारी 22 अगस्त को उस समय हुई, जब साइट पर रखा बचा हुआ निर्माण सामग्री यार्ड में वापस ले जाने के लिए कर्मचारी पहुंचे। मामले में लोहामंडी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पिलर नंबर 188 के पास रखा था सामान
सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही बालाजी सिक्योरिटी कंपनी के फील्ड ऑफिसर राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आगरा कॉलेज के समीप मेट्रो के पिलर नंबर 188 पर करीब दो महीने पहले निर्माण कार्य के लिए सामग्री रखी गई थी।
काम पूरा होने के बाद बची हुई सामग्री को मेट्रो के यार्ड में वापस भेजा जाना था। इसी सिलसिले में 22 अगस्त को जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो वहां रखा सामान गायब मिला। इसके बाद सुरक्षा कंपनी की ओर से पुलिस को सूचना दी गई।
45 क्विंटल सरिया समेत यह सामान हुआ चोरी
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार चोर साइट से बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री ले गए। चोरी हुए सामान में शामिल हैं:
- 1.22 एमएम टीएमटी सरिया — 16 क्विंटल
- 32 एमएम टीएमटी सरिया — 29 क्विंटल
- एफिडी राइट के 4 नग
- 100 मीटर फ्लेक्सिबल केबल
कुल मिलाकर करीब 45 क्विंटल सरिया चोरी हुआ है। इतनी भारी मात्रा में सरिया और अन्य सामग्री को मौके से हटाने के लिए वाहन का इस्तेमाल किए जाने की आशंका से भी जांच की जा रही है।
पहले भी निशाने पर आ चुका है मेट्रो का सामान
खास बात यह है कि आगरा मेट्रो परियोजना से जुड़ी निर्माण सामग्री की चोरी का यह हालिया मामला है। इससे पहले अगस्त में आरबीएस और आईएसबीटी क्षेत्र के दो स्टील यार्ड से 440 बेस प्लेट और करीब चार क्विंटल सरिया चोरी होने का मामला भी सामने आया था। उस मामले में भी सुरक्षा कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने शुरू की चोरों की तलाश
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और चोरों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साइट से इतनी बड़ी मात्रा में भारी निर्माण सामग्री कब और किस तरह बाहर ले जाई गई।
मामले की जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटनास्थल से जुड़े अन्य सुरागों की भी पड़ताल की जा सकती है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती चोरी गए सामान को बरामद करने के साथ-साथ वारदात में शामिल लोगों की पहचान करना है।

