पीलीभीत में नगर पालिका प्रशासन ने मंगलवार सुबह शहर में 12 दुकानों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। नगर पालिका की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और अधिकारियों की निगरानी में दुकानों को खाली कराने के बाद एक-एक कर निर्माण ढहा दिए। कार्रवाई के दौरान प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया और इसे मनमाना बताया।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन पर नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसी विकास योजना के तहत पुराने निर्माण हटाए जा रहे हैं। हालांकि, कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का कहना है कि इन दुकानों का आवंटन नगर पालिका की ओर से ही 99 वर्ष की लीज पर किया गया था। इसी आधार पर उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
सुबह करीब नौ बजे पहुंची पालिका की टीम
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब नौ बजे नगर पालिका की टीम पुलिस बल और बुलडोजर के साथ संबंधित स्थल पर पहुंची। टीम के पहुंचते ही दुकानदारों में खलबली मच गई। अधिकारियों की मौजूदगी में दुकानदारों से दुकानों का सामान बाहर निकलवाया गया।
इसके बाद बुलडोजर से 12 दुकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। देखते ही देखते एक-एक कर सभी निर्माण ध्वस्त कर दिए गए।
99 साल की लीज को लेकर व्यापारियों ने उठाए सवाल
कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ा सवाल दुकानों के आवंटन को लेकर उठाया गया। प्रभावित व्यापारियों का दावा है कि नगर पालिका ने ही इन दुकानों को 99 वर्ष की लीज पर आवंटित किया था। ऐसे में अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई।
दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई को मनमाना बताते हुए विरोध किया। हालांकि, लीज की शर्तों, उसकी मौजूदा वैधता और ध्वस्तीकरण से पहले नगर पालिका की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना
नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक, संबंधित स्थान पर नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना है। इसी प्रस्तावित विकास के लिए पुराने निर्माण हटाए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से कार्रवाई को विकास योजना का हिस्सा बताया गया है। वहीं व्यापारियों की आपत्ति मुख्य रूप से दुकानों के पूर्व आवंटन और लीज से जुड़ी है। इस विवाद में लीज दस्तावेज और नगर पालिका की ओर से की गई कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजीव कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्या और सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रभावित कारोबारी वहां जुट गए। व्यापारियों के विरोध के बावजूद पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
अब लीज और कार्रवाई की प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल नगर पालिका ने 12 दुकानों को ध्वस्त करा दिया है। दूसरी ओर, प्रभावित व्यापारी लीज के आधार पर कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका के पास इन दुकानों के ध्वस्तीकरण के लिए क्या प्रशासनिक और कानूनी आधार था और 99 वर्ष की लीज से जुड़े अधिकारों की स्थिति क्या है।

