आगरा: शहर में घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और रिफिलिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मोहनपुरा में एक घर के अंदर घरेलू LPG सिलिंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलिंडरों में भरने का खेल पकड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में पकड़ा गया व्यक्ति एक गैस एजेंसी का ट्रॉली मैन है। पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मौके से 12 घरेलू गैस सिलिंडर और रिफिलिंग से जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं।
आरोप है कि ट्रॉली मैन सिलिंडरों में दर्ज वजन को पेंट से मिटाकर उनमें गैस की हेराफेरी करता था। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
घर में चल रहा था गैस रिफिलिंग का धंधा
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रामजतन यादव के मुताबिक, 18 अगस्त की शाम टीम ने मोहनपुरा स्थित एक मकान पर छापा मारा। यहां लहरा, शमसाबाद निवासी रमाकांत घरेलू LPG सिलिंडरों से गैस निकालते हुए मिला।
जांच में सामने आया कि रमाकांत बालूगंज स्थित भारत गैस एजेंसी में ट्रॉली मैन के तौर पर काम करता है। मौके से कुल 12 सिलिंडर बरामद किए गए, जिनमें 11 इंडेन और एक एचपी कंपनी का सिलिंडर था।
सप्लाई के लिए निकला था, बुआ के घर करने लगा रिफिलिंग
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पांच घरेलू सिलिंडर और उनकी पर्चियां लेकर सप्लाई के लिए निकला था। लेकिन मोहनपुरा में अपनी बुआ के घर पहुंचने के बाद वह वहां सात सिलिंडरों में रिफिलिंग करने लगा।
बताया गया कि वह दो सिलिंडरों से गैस निकाल चुका था, तभी पुलिस और खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
सिलिंडर का वजन मिटाने के लिए रखी थी पेंट की शीशियां
मामले में सबसे अहम बरामदगी में पेंट की आठ छोटी शीशियां भी शामिल हैं। आरोप है कि इनके जरिए सिलिंडर पर दर्ज वजन को मिटाया जाता था, ताकि गैस की मात्रा में की गई हेराफेरी पकड़ में न आए।
जांच में सात सिलिंडरों से संबंधित कोई वैध कागजात भी आरोपी पेश नहीं कर सका। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सिलिंडरों में गैस का वजन करीब 1 किलो से लेकर 11.6 किलो तक कम पाया गया।
बाइक से करता था सिलिंडरों की सप्लाई
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी बाइक के जरिए घरेलू गैस सिलिंडरों की सप्लाई करता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रिफिलिंग और गैस की हेराफेरी का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
पुलिस ने दर्ज की FIR
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सिलिंडरों और उपकरणों को कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि गैस एजेंसी से जुड़े कर्मचारी के पास इतने घरेलू सिलिंडर कैसे पहुंचे और वह कितने समय से इस तरह गैस की हेराफेरी कर रहा था। पुलिस अब इन पहलुओं की भी जांच कर रही है।
