आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा के कमरे में आईपीएल का सट्टा लगाने और उन्हें रकम मुहैया कराने वाले पांच आरोपियों को बुधवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के मुचलके पर रिहा किया। आरोपियों के जेल से बाहर आने के बाद चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। गुर्गों की धरपकड़ और तीन दिन बाद भी बड़े खिलाड़ियों तक पुलिस के नहीं पहुंचने से कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की बात कही जा रही हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी दबिश का दावा कर रहे हैं।
आईपीएल सट्टा कराने के मामले में पुलिस ने 3 मई को सुनील धाकड़, अनिल खेम्यानी, मनीष मयानी उर्फ सब्जी और राहुल मुदगल उर्फ लाला को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद ब्याज पर सट्टेबाजों को रकम देने के आरोप में गोविंद नगर निवासी पीयूष शर्मा को पकड़ा था। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था। सभी की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इनमें सुनील, अनिल मनीष और राहुल की ओर से 3/4 जुआ अधिनियम और 112 (2) बीएनएस तो पीयूष शर्मा की ओर से धारा 112 (2) बीएनएस में जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया।
उनके अधिवक्ताओं की ओर से कहा गया कि आरोपियों ने कोई जुआ नहीं खेला। कोई नाल भी नहीं ली। सभी को पुलिस घर से पूछताछ की कहकर लेकर आई थी। थाने पर अपने अधिकारियों को गुडवर्क दिखाने के लिए झूठी प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पीयूष शर्मा न्यूज कवर करता है। इसी कारण पुलिस से कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश में प्राथमिकी दर्ज की है।
अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया। प्राथमिकी में लगीं धाराओं में एक से सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। आरोपियों ने शपथ पत्र भी दिया कि पूर्व के मुकदमों में जमानत हो चुकी हैं। सुनवाई के बाद सीजेएम ने जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर 20-20 हजार के व्यक्तिगत बंध पत्र और 2-2 जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए। बुधवार को परवाना जेल में पहुंचने पर आरोपियों को रिहा कर दिया गया।
राधे मल्होत्रा, संजय कालिया और अन्नी पंडित पुलिस पकड़ से दूर
पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही आठ के नाम भी प्राथमिकी में खोले हैं। इनमें राधे मल्होत्रा, संजय कालिया, अनिल शर्मा उर्फ अन्नी पंडित, टोनी सिंधी, राजू वर्मा, राजीव चोपड़ा, बोनी वकील, भारत पेशवानी आदि शामिल हैं। दावा किया जा रहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वह घरों पर ताला डालकर परिवार सहित भाग निकले हैं। मोबाइल भी बंद कर लिए हैं। उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। हालांकि चर्चा है कि पुलिस ने कार्रवाई में सिर्फ गुर्गों को पकड़ा है। खानापूर्ति के लिए शाहगंज के बड़े सटोरियों के नाम शामिल कर लिए गए।
यह वो नाम हैं, जो कि आईपीएल शुरू होते ही चर्चा में आ जाते हैं मगर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता है। पकड़े गए पांचों आरोपियों पर संगठित अपराध की धारा भी लगाई है। इससे मुश्किल बढ़ेगी। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल में चैट मिली है। इसे विवेचना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद चार्जशीट लगाई जाएगी। पुलिस बीएनएस की नई धारा 107 में संपत्ति भी जब्त कर सकती है। शाहगंज इलाके में ही कई लोग सटोरियों को ब्याज पर रकम देने का काम कर रहे हैं। पुलिस के पास इन लोगों की लिस्ट भी है। मगर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता है। पुलिस लिस्ट बना भी ले तो सिर्फ चर्चाओं तक ही मामला शांत हो जाता है।

