लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे को नई गति देने के लिए अनुपूरक बजट 2026 में कई महत्वाकांक्षी सड़क एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की घोषणा की है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करते हुए नए एक्सप्रेसवे, लिंक रोड और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।
अनुपूरक बजट में विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, बुलंदशहर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार और चिल्ला एलिवेटेड रोड जैसी प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा की गई है।
विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे तीन बड़े कॉरिडोर
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे को चंदौली और गाजीपुर के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने पर गंगा एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे आपस में एकीकृत हो जाएंगे, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगा सीधा एक्सप्रेसवे कनेक्शन
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बुलंदशहर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। लगभग 74.467 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके बनने से एयरपोर्ट तक तेज और सुगम सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार तक
सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे मुजफ्फरनगर और रुड़की होते हुए हरिद्वार तक विस्तारित करने की घोषणा की है। विस्तार के बाद यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज से शुरू होकर हरिद्वार तक पहुंचेगा। वर्तमान में लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज और मेरठ के बीच संचालित है।
चिल्ला एलिवेटेड रोड से मिलेगी जाम से राहत
अनुपूरक बजट में चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना का भी ऐलान किया गया है। यह एलिवेटेड मार्ग दिल्ली के चिल्ला रेगुलेटर (मयूर विहार) को नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से जोड़ेगा। प्रस्तावित मार्ग सेक्टर-14ए से शुरू होकर शाहदरा ड्रेन के किनारे एमपी-3 रोड तक जाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-नोएडा सीमा क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या होता है अनुपूरक बजट?
अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) तब पेश किया जाता है, जब किसी वित्त वर्ष में स्वीकृत बजट पर्याप्त नहीं रह जाता या सरकार को किसी नई अथवा आवश्यक योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया।

