देशभर में मिलावट का बड़ा नेटवर्क बेनकाब! अहमदाबाद में 30 हजार लीटर नकली घी जब्त, कानपुर-लुधियाना-हैदराबाद में भी छापे

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नई दिल्ली। देशभर में खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग एजेंसियों की कार्रवाई में नकली घी, मिलावटी मसाले और रासायनिक पदार्थों का बड़े पैमाने पर भंडाफोड़ हुआ है। सबसे बड़ी कार्रवाई गुजरात के अहमदाबाद में हुई, जहां पुलिस ने करीब 30 हजार लीटर नकली घी और हजारों लीटर संदिग्ध रासायनिक पदार्थ बरामद किए। मामले की जांच में अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क की भी आशंका जताई जा रही है।

अहमदाबाद में नकली घी की फैक्ट्री का भंडाफोड़

जांच एजेंसियों के अनुसार, फैक्ट्री में पामोलिन ऑयल में विशेष रासायनिक पदार्थ मिलाकर उसे देसी घी जैसा बनाया जा रहा था। मौके से करीब 30 हजार लीटर नकली घी और लगभग 50 हजार लीटर संदिग्ध केमिकल बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल घी जैसी बनावट और गुण देने के लिए किया जाता था।

गांधीनगर रेंज के डीआईजी वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 1.75 करोड़ रुपये मूल्य का नकली घी और लगभग 78 लाख रुपये के रासायनिक पदार्थ जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी मिलावट के मामले में पकड़ा जा चुका था, लेकिन जमानत मिलने के बाद उसने दोबारा यही कारोबार शुरू कर दिया। पुलिस को आशंका है कि गुजरात के अलावा पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।

लुधियाना में भी मिला संदिग्ध घी

पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने एक गोदाम से करीब 3 हजार लीटर संदिग्ध घी बरामद किया। जांच में सामने आया कि यह घी गुजरात से मंगाया गया था और करीब 450 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गाय के घी के नाम पर बेचा जा रहा था।

पुलिस ने पूरे स्टॉक को जब्त कर लैब जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर में नकली मसालों की फैक्ट्री पकड़ी गई

उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली मसाले बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। जांच में पता चला कि घटिया गुणवत्ता के चावल के पाउडर में रासायनिक रंग मिलाकर हल्दी तैयार की जा रही थी। इसी तरह कृत्रिम रंगों से लाल मिर्च और लकड़ी के बुरादे को रंगकर धनिया पाउडर बनाया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान विभाग ने करीब 5.86 लाख रुपये मूल्य के मिलावटी मसाले जब्त किए और नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा।

हैदराबाद में रंगे हुए मसाले बरामद

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तीन दुकानों पर छापेमारी कर पॉलिश किए गए जीरे और लौंग बरामद किए। जांच में पाया गया कि मसालों को नया और चमकदार दिखाने के लिए कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रंगों का उपयोग किया जा रहा था।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।

कितना बड़ा है मिलावट का कारोबार?

संसद में प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में देशभर से 8.86 लाख खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें लगभग 20 प्रतिशत नमूने खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश मामलों में केवल आर्थिक जुर्माना लगाया गया, जबकि बहुत कम मामलों में दोषियों को सजा मिली।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और मांग बढ़ने वाले मौसम में नकली घी, मसाले, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। इसलिए उपभोक्ताओं को केवल FSSAI लाइसेंस प्राप्त ब्रांड, विश्वसनीय दुकानों और उचित बिल के साथ ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए। हाल के वर्षों में भी गुजरात समेत कई राज्यों में नकली घी के बड़े नेटवर्क पकड़े जा चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मिलावट का कारोबार लगातार चुनौती बना हुआ है।

ऐसे करें असली और नकली घी की प्राथमिक पहचान

  • बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर मिलने वाले घी से सावधान रहें।
  • पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और निर्माण तिथि अवश्य जांचें।
  • केवल भरोसेमंद विक्रेताओं और अधिकृत ब्रांडों से ही खरीदारी करें।
  • स्वाद, खुशबू या रंग में असामान्य बदलाव दिखने पर उसका सेवन न करें और संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
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