उत्तर प्रदेश के रामपुर में गोकशी की घटनाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) अनिल कुमार सिसोदिया का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने गोकशी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि सच्चा मुसलमान गोकशी जैसा काम नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं, उनका “इलाज करना” पुलिस का काम है।
SP का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि, बाद में रामपुर पुलिस की ओर से एक आधिकारिक स्पष्टीकरण भी सामने आया है।
गोकशी के मामलों पर पुलिस की कार्रवाई तेज
SP अनिल कुमार सिसोदिया ने बताया कि सावन के महीने में रामपुर के गंज और स्वार थाना क्षेत्रों में गोकशी की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि रामपुर के अधिकांश लोग अमनपसंद और शांतिप्रिय हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई करेगी। पुलिस ने गोकशी के पुराने मामलों में शामिल आरोपियों की सूची का सत्यापन भी शुरू कर दिया है।
पुराने आरोपियों का तैयार होगा डोजियर
पुलिस के मुताबिक, गोकशी के मामलों में पांच और दस साल पुराने आरोपियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इन लोगों का डोजियर तैयार कराया जाएगा, जिसमें उनकी पोस्टकार्ड आकार की रंगीन तस्वीर, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों और अन्य जरूरी जानकारियों को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा, जो आरोपी पहले जेल जा चुके हैं, उनके जमानतदारों के नाम और पते का भी सत्यापन कराया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य पुराने मामलों से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है।
बयान वायरल होने के बाद रामपुर पुलिस ने दी सफाई
SP के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रामपुर पुलिस की ओर से एक आधिकारिक स्पष्टीकरण भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, SP का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने की अपील करना था।
स्पष्टीकरण में कहा गया कि यदि बयान का कोई अन्य अर्थ निकाला गया हो या किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हों, तो ऐसी कोई मंशा नहीं थी। पुलिस ने अपने बयान में सामाजिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

