बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार सुबह एक बड़ा स्कूल बस हादसा हो गया। भोजीपुरा कस्बे के न्यू इंग्लैंड डिकोनस स्कूल की बस जटऊ पट्टी गांव के पास लिंक मार्ग पर अचानक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे के वक्त बस में 31 बच्चे सवार थे, जिनमें से 13 बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में घायल बच्चों को इलाज के लिए राममूर्ति मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बताया जा रहा है कि बस चला रहा चालक नाबालिग था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुबह 6:30 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक हादसा शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे हुआ। स्कूल बस बच्चों को लेकर जा रही थी। जटऊ पट्टी गांव के समीप लिंक मार्ग पर पहुंचते ही बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे पेड़ से जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि बस में बैठे बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को बाहर निकालने में मदद की।
घायल बच्चों को तत्काल राममूर्ति मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल- नाबालिग कैसे चला रहा था स्कूल बस?
हादसे के बाद सबसे गंभीर सवाल स्कूल बस के चालक को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि बस चलाने वाला युवक नाबालिग था।
अगर जांच में यह बात सही साबित होती है तो स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है, क्योंकि बच्चों को ले जाने वाली बस के संचालन और चालक की पात्रता की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन पर होती है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बस कौन चला रहा था, उसकी उम्र कितनी है और स्कूल प्रबंधन ने उसे बस चलाने की अनुमति किस आधार पर दी।
अभिभावकों ने स्कूल पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन राममूर्ति मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। वहां अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि स्कूल बस की हालत भी ठीक नहीं थी और एक नाबालिग से बस चलवाई जा रही थी। एक अभिभावक ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी स्कूल प्रबंधन से बस बदलने और नाबालिग चालक को हटाने की शिकायत की थी।
आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
‘पहले शिकायत की थी, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई’
एक अभिभावक के मुताबिक, बस को लेकर पहले भी स्कूल प्रबंधन के सामने समस्या रखी गई थी। उनका आरोप है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई कर दी जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
अब हादसे के बाद अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी है और वे जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
13 बच्चों के घायल होने की जानकारी
हादसे में घायल हुए बच्चों में अलीनगर और आसपास के क्षेत्रों के छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घायलों में वसीम राजा, अक्सी नूर, अबुसर, असलान, आकिब और मोहम्मद आसिफ समेत अन्य बच्चे शामिल हैं।
बच्चों की चोटों की गंभीरता और उनकी मौजूदा हालत के बारे में अस्पताल की ओर से विस्तृत मेडिकल जानकारी का इंतजार है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। पुलिस स्कूल बस, चालक और स्कूल प्रबंधन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बस की फिटनेस कैसी थी, चालक के पास वैध लाइसेंस था या नहीं और स्कूल ने बच्चों के परिवहन के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं।
अभिभावकों की मांग- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है। परिजनों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
उनकी मांग है कि यदि जांच में स्कूल प्रबंधन या किसी अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बरेली का यह हादसा स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब निगाहें पुलिस की जांच पर हैं कि आखिर 31 बच्चों की जिंदगी को कथित तौर पर जोखिम में डालकर नाबालिग को स्कूल बस चलाने की अनुमति कैसे मिली।
