अलीगढ़ शहर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रसलगंज की मछली वाली गली में 78 वर्षीय रामकिशोर की मौत के कुछ ही घंटे बाद उनकी 68 वर्षीय पत्नी माया देवी की भी मौत हो गई। सोमवार को एक ही घर से पति-पत्नी की दो अर्थियां उठीं और दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
रामकिशोर लंबे समय से पैरालिसिस समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। रविवार, 29 अगस्त को दोपहर बाद उन्होंने रसलगंज स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। उनकी मौत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए चले गए। अंतिम संस्कार से लौटने के कुछ समय बाद रात करीब 10:30 बजे माया देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
पति की मौत के कुछ घंटे बाद पत्नी ने भी दम तोड़ा
परिजनों के अनुसार, पति की मौत का माया देवी पर गहरा असर पड़ा और उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हृदयाघात हुआ। कुछ ही समय बाद उनकी भी मौत हो गई। हालांकि, पति की मौत के सदमे को पत्नी की मौत का प्रत्यक्ष चिकित्सकीय कारण मानने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
एक ही घर में कुछ घंटों के भीतर दो मौतों से परिवार में मातम छा गया। जिस घर में कुछ घंटे पहले रामकिशोर की मौत का दुख था, वहीं रात में माया देवी की मौत की खबर ने परिजनों को और तोड़ दिया।
एक ही दिन दोनों की अंतिम यात्रा
परिजनों ने सोमवार को पहले रामकिशोर का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद माया देवी की अंतिम यात्रा भी उसी घर से निकली। पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही श्मशान स्थल पर किया गया।
परिवार और आसपास के लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। दोनों के लंबे वैवाहिक साथ के बाद कुछ ही घंटों के अंतराल में हुई मौतों ने परिचितों और स्थानीय लोगों को भी भावुक कर दिया।
मानव उपकार संस्था ने उपलब्ध कराया शव वाहन
परिवार की इस मुश्किल घड़ी में मानव उपकार संस्था की ओर से शव वाहन की सेवा उपलब्ध कराई गई। संस्था के मानव सेवक विष्णु कुमार बंटी के अनुसार, परिवार को अंतिम यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से शव वाहन उपलब्ध कराया गया।
मानव उपकार संस्था अलीगढ़ में लंबे समय से अंतिम संस्कार और शव वाहन जैसी सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की सहायता करती रही है। संस्था के सामाजिक कार्यों में अंतिम यात्रा के लिए वाहन उपलब्ध कराना भी शामिल है।

