संभल के रायसत्ती थाना क्षेत्र के नीमखेड़ा बझेड़ा गांव में चरागाह की सरकारी जमीन पर बनी मजार को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के मुताबिक, यह कार्रवाई तहसीलदार न्यायालय के बेदखली आदेश के अनुपालन में की गई। कार्रवाई के दौरान गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही।
तहसीलदार धीरेंद्र सिंह के अनुसार, राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 118 की 1.493 हेक्टेयर जमीन चरागाह के रूप में दर्ज है। इसी भूमि के करीब 50 वर्गमीटर हिस्से पर कब्जा कर मजार का निर्माण किया गया था।
20 साल पुराना बताया गया कब्जा
नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह के मुताबिक, मजार से संबंधित कब्जा करीब 20 साल पुराना था। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में वाद चला। न्यायालय ने 9 जून 2026 को मजार को हटाने का आदेश दिया था।
इसी आदेश के अनुपालन में सोमवार को प्रशासनिक टीम गांव पहुंची और बुलडोजर से मजार को हटाने की कार्रवाई की। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई थी।
चरागाह की जमीन पर अन्य कब्जों की भी होगी जांच
प्रशासन के अनुसार, इसी चरागाह की जमीन पर कुछ अन्य ग्रामीणों के कब्जे भी सामने आए हैं। इनमें सरकारी भूमि पर खेती किए जाने की बात भी सामने आई है। इन कब्जों को भी नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया की जाएगी।
हालांकि, सोमवार सुबह हुई बारिश के कारण मौके पर पानी भर गया था। इसके चलते प्रशासन अन्य कब्जों की तत्काल पैमाइश नहीं कर सका। अधिकारियों के मुताबिक, पानी कम होने के बाद जमीन की पैमाइश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी जमीन पर बने मदरसे पर भी कार्रवाई की तैयारी
संभल के नखासा थाना क्षेत्र के फत्तेहपुर देव गांव में सरकारी जमीन पर बने मदरसे को लेकर भी प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी की है। प्रशासन के अनुसार, इस निर्माण को हटाने के लिए तहसीलदार न्यायालय से बेदखली का आदेश जारी हो चुका है।
तहसीलदार ने मदरसे को हटाने के लिए टीम गठित की है। प्रशासन के अनुसार, इस निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई मंगलवार से शुरू की जानी है।
प्रशासन की इन कार्रवाइयों का आधार सरकारी राजस्व भूमि पर दर्ज कब्जे और संबंधित न्यायालय के बेदखली आदेश बताए गए हैं। आगे की कार्रवाई में अन्य कब्जों की पैमाइश और राजस्व अभिलेखों के आधार पर उनकी स्थिति तय की जाएगी।

