नेपाल में 26 अगस्त से लापता मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वी. शिवगणनम को खोजने के लिए दिल्ली तमिल एडवोकेट्स एसोसिएशन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत से हस्तक्षेप की अपील की है। एसोसिएशन ने 30 अगस्त को भेजे पत्र में CJI से भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ मामला उठाकर उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव कदम उठाने का अनुरोध किया है।
26 अगस्त की सुबह पत्नी से हुई थी आखिरी बातचीत
एसोसिएशन के अनुसार, जस्टिस शिवगणनम तमिल तीर्थयात्रियों के एक समूह के साथ नेपाल गए थे। यात्रा के दौरान उनकी मौजूदगी बस में ली गई एक समूह तस्वीर में भी दिखाई देती है। एसोसिएशन ने बताया कि उन्होंने 26 अगस्त की सुबह अपनी पत्नी से WhatsApp कॉल पर बात की थी। इसके बाद परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।
नेपाल में इसी दिन चीन सीमा के पास हिमनद और चट्टानों के खिसकने के बाद भीषण बाढ़ और मलबे का बहाव आया था। इसका असर भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों तक हुआ और कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
दूसरी बस में सवार लोगों से मिली अहम जानकारी
दिल्ली तमिल एडवोकेट्स एसोसिएशन के पत्र के मुताबिक, एक दूसरी बस में यात्रा कर रहे कुछ लोगों को तिमुरे स्थित नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) बॉर्डर आउटपोस्ट के पास बचाया गया था।
एसोसिएशन के अनुसार, इन यात्रियों ने जस्टिस शिवगणनम के परिवार को बताया कि जिस बस में वह यात्रा कर रहे थे, वह उनकी बस से करीब 100 से 200 मीटर की दूरी पर थी। इसके बाद से शिवगणनम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण परिवार और एसोसिएशन उनकी सुरक्षा तथा ठिकाने को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं।
यह जानकारी एसोसिएशन की ओर से CJI को भेजे गए पत्र में कही गई है। उपलब्ध रिपोर्टों में जस्टिस शिवगणनम के वर्तमान ठिकाने या उनकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CJI से भारत सरकार और नेपाल के अधिकारियों से समन्वय की मांग
एसोसिएशन के सचिव डॉ. राम शंकर ने 30 अगस्त को CJI को भेजे पत्र में मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। अपील का उद्देश्य भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर नेपाल में चल रहे खोज एवं बचाव प्रयासों को तेज कराने तथा जस्टिस शिवगणनम की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित कराने में मदद लेना है।
34 साल न्यायिक सेवा में रहे जस्टिस शिवगणनम
जस्टिस वीरासामी शिवगणनम ने 1 जुलाई 1991 को तमिलनाडु न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। बाद में उन्हें मद्रास हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उन्हें 3 दिसंबर 2020 को मद्रास हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और मई 2022 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की मंजूरी दी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड में वी. शिवगणनम का नाम वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में दर्ज है। उन्हें 23 जुलाई 2025 को सीनियर एडवोकेट नामित किया गया था और रिकॉर्ड में उन्हें मद्रास हाईकोर्ट का पूर्व न्यायाधीश बताया गया है।
नेपाल में बाढ़ से तबाही, मृतकों की संख्या 900 के पार
जस्टिस शिवगणनम के लापता होने की खबर ऐसे समय सामने आई है जब नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चल रहा है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के 31 अगस्त सुबह के अपडेट के अनुसार, बाढ़ में अब तक 903 शव बरामद किए जा चुके हैं और करीब 4,247 लोग लापता बताए गए हैं। वहीं 10,451 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला गया है।
एक दिन पहले, 30 अगस्त को मृतकों की संख्या 788 बताई गई थी। इसके बाद नए शवों की बरामदगी और अलग-अलग प्रभावित जिलों से आंकड़े मिलने के कारण संख्या बढ़ी है। इसलिए खबरों में 788 का आंकड़ा पिछले दिन की स्थिति को दर्शाता है, जबकि 31 अगस्त का नवीनतम आधिकारिक आंकड़ा 903 है।
आपदा के बाद नेपाल में 20,819 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में अभी भी बड़ी संख्या में लोगों की तलाश जारी है।
ऐसे गंभीर आपदा-ग्रस्त हालात के बीच जस्टिस शिवगणनम की तलाश को लेकर उनका परिवार और दिल्ली तमिल एडवोकेट्स एसोसिएशन चिंतित है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी स्थिति और ठिकाने की पुष्टि नहीं हो सकी है।

