कार में अचानक लगी आग, बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला… मां से मिलने जा रहा था 43 वर्षीय स्टांप विक्रेता, जिंदा जलकर मौत

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बाराबंकी: चलती कार बनी आग का गोला, स्टॉम्प विक्रेता जिंदा जला; मां से मिलने गांव जा रहा था

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को दहला दिया। मां से मिलने के लिए अपने गांव जा रहे 43 वर्षीय स्टांप विक्रेता की कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कार सवार को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वह वाहन के अंदर ही जिंदा जल गए।

घटना सफदरगंज थाना क्षेत्र में हाईवे से बरियारपुर गांव जाने वाली सड़क की बताई जा रही है। मृतक की पहचान बरियारपुर निवासी राज नारायण वर्मा (43) के रूप में हुई है।

मां से मिलने जा रहे थे राज नारायण

पुलिस के अनुसार, राज नारायण वर्मा का एक मकान बाराबंकी शहर के विजयनगर मोहल्ले में भी है। रविवार सुबह वह अपनी कार से अपनी मां से मिलने के लिए बरियारपुर गांव जा रहे थे।

गांव की ओर जाने वाली सड़क पर पहुंचते ही उनकी कार में अचानक आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि राज नारायण कार से बाहर नहीं निकल सके।

देखते ही देखते आग का गोला बनी कार

राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों ने कार को आग की लपटों में घिरा देखा तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई।

मौके पर पहुंची दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार के अंदर मौजूद राज नारायण की मौत हो चुकी थी।

फोरेंसिक टीम कर रही जांच

थाना प्रभारी अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कार में आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट, फ्यूल सिस्टम में गड़बड़ी या किसी अन्य कारण से लगी। जली हुई कार की बारीकी से जांच की जा रही है।

शव देखकर परिवार में मचा कोहराम

हादसे की सूचना मिलते ही राज नारायण वर्मा के परिजन मौके पर पहुंच गए। कार और उसके अंदर जले शव को देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, कार में इतनी भीषण आग आखिर कैसे लगी और राज नारायण को बाहर निकलने का मौका क्यों नहीं मिला, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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