दिग्विजय भाटी पिटाई कांड में पुलिसकर्मियों पर शिकंजा, तत्कालीन SSP समेत 9 को नोटिस; डीआईजी ने रातभर की जांच

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दिग्विजय भाटी मामला: तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, इंस्पेक्टर सहित नौ पुलिसकर्मियों को नोटिस, ये बोले एडीजी

मेरठ: किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की कथित पिटाई तथा एसओजी कार्यालय में फिल्मी गाने पर डांस कराने के मामले में पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। प्रकरण की जांच कर रहे डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह ने मेरठ पहुंचकर लगातार दूसरे दिन भी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। जांच के बाद तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ समेत नौ पुलिसकर्मियों को नोटिस देने की तैयारी है।

यह जांच एडीजी जोन भानु भास्कर के निर्देश पर शुरू की गई है। सपा विधायक अतुल प्रधान और भाजपा नेता की मांग के बाद एडीजी ने पूरे मामले की जांच डीआईजी सहारनपुर को सौंपी थी।

इन पुलिसकर्मियों को किया गया लाइन हाजिर

मामला सामने आने के बाद नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार गौड़, दरोगा मुलायम सिंह, कांस्टेबल हरिओम, मुकेश कुमार, श्याम बाबू, सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर और चालक ललित कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था।

अब जांच के दायरे में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय समेत इन सभी पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा।

रात तक हुई पूछताछ, पीड़ितों के बयान भी दर्ज

डीआईजी अभिषेक सिंह शुक्रवार शाम मेरठ पहुंचे थे। उन्होंने एसएसपी कार्यालय में करीब एक घंटे तक मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके बाद सर्किट हाउस में दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के बयान दर्ज किए

डीआईजी ने दिग्विजय के शरीर पर आई चोटों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई। इसके बाद वह पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय पहुंचे और देर रात तक मामले की जांच की। बताया जा रहा है कि उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों से भी घटनाक्रम को लेकर जानकारी ली।

शनिवार सुबह मेरठ से रवाना होने के बाद भी डीआईजी मामले की रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। एडीजी ने उन्हें जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने एक्स पर दी थी अलग कहानी

इस मामले में मेरठ पुलिस के एक्स हैंडल से शुक्रवार को एक अलग जानकारी साझा की गई थी। पुलिस का कहना था कि दिग्विजय भाटी एसएसपी कार्यालय से घर जाते समय स्कूटी फिसलने से घायल हुए थे। इस संबंध में उनके द्वारा सिविल लाइंस थाने में लिखित शिकायत दिए जाने और शिकायत को जीडी में दर्ज किए जाने की बात भी कही गई थी।

पुलिस ने उस समय पुलिसकर्मियों पर पिटाई के आरोपों को निराधार बताया था।

पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर होने का भी किया था जिक्र

जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी डीआईजी को दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, संभल के चमरौआ गांव निवासी दिग्विजय भाटी के खिलाफ 10 मुकदमे, जबकि भावनपुर के किनानगर निवासी मोहित जाटव के खिलाफ 7 प्राथमिकी दर्ज हैं।

हालांकि, अब डीआईजी की जांच का अहम बिंदु यह है कि पुलिस हिरासत अथवा कार्यालय में दोनों के साथ वास्तव में क्या हुआ और संबंधित पुलिसकर्मियों की इसमें क्या भूमिका थी।

नोटिस जारी होने के बाद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के जवाब जांच में अहम होंगे। डीआईजी की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे किस स्तर की कार्रवाई की जाती है।

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