तेज धूप और भीषण गर्मी से बुरा हाल है। डायरिया-डिहाइड्रशेन (शरीर में पानी की कमी) और फूड पॉइजनिंग के ढाई से तीन गुना तक मरीज बढ़ गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाला हर चौथा मरीज इसी से पीड़ित है। बच्चों की हालत ज्यादा खराब मिल रही है। इमरजेंसी फुल चल रही है। 5-8 घंटे में मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करना पड़ रहा है। सोमवार को ओपीडी में कुल 3,064 मरीज पहुंचे।
बाल रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 170 बच्चे आए। इनमें से 120 बच्चों को उल्टी-दस्त, पेट में दर्द और तेज बुखार की शिकायत मिली। 15-20 बच्चों के सिर में दर्द और डिहाइड्रेशन की परेशानी मिली। इसमें 10-15 बच्चों को भर्ती भी कराया गया। यहां 20 बेड हैं, ऐसे में अतिरिक्त मरीजाें का शुरुआती इलाज करने के बाद 5-8 घंटे में बाल रोग विभाग के वार्ड में शिफ्ट कर रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के डॉ. विजय सिंघल ने बताया कि ओपीडी में 659 मरीजों में से 70-80 फीसदी में उल्टी-दस्त, पानी की कमी पाई गई। बीपी और मधुमेह भी अनियंत्रित मिल रहा है। कई मरीजों के डिहाइड्रेशन की वजह से गला सूखने और कमजोरी भी मिल रही है। ऐसे 20-35 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है।

