कानपुर में पनकी के ग्राम भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में सोमवार दोपहर को आग लग गई। इसके जहरीले धुएं से बदुआपुर सहित आसपास के पांच गांवों और राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत हुई। आग बुझाने के तमाम प्रयासों के बावजूद देर शाम तक कूड़ा सुलगता रहा। प्लांट में डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से डाले जा रहे कूड़े के पहाड़ बढ़ते जा रहे हैं, जिससे बदबू और बार-बार आग लगने की समस्या है।
कूड़े की बदबू और जहरीले धुएं से परेशान गांवों के लोगों ने इससे निजात दिलाने की मांग की है। नगर निगम अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए योग्य ठेकेदार कंपनी तय नहीं कर पाया है। टेंडर में चयनित कंपनियों के नाम और दरें एनआईसी वेबसाइट पर अपलोड हो चुकी हैं। साढ़े तीन साल पहले ईको स्टेन कंपनी को ठेका मिला था जिसे 21 करोड़ रुपये का भुगतान भी हुआ।
जमीन न मिलने से काम शुरू नहीं हुआ
कंपनी काम पूरा नहीं कर पाई इसलिए उसे हटा दिया गया। तीन साल पहले सीयूजीएल कंपनी ने कूड़े से गैस प्लांट लगाने की बात कही, लेकिन जमीन न मिलने से काम शुरू नहीं हुआ। नगर निगम सदन में सीयूजीएल के अनुबंध पर सवाल उठे और उसे निरस्त करने की मांग की गई। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय इसी संबंध में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार से मिलने लखनऊ गए।

