कालका-शिमला रेल रूट पर लैंडस्लाइड से ट्रैक क्षतिग्रस्त, 10 ट्रेनें रद्द; 431 यात्रियों और क्रू को सुरक्षित निकाला गया

5 Min Read
सोलन में भूस्खलन के बाद प्रभावित कालका-शिमला रेलवे ट्रैक

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में लगातार बारिश के बीच कालका-शिमला रेल मार्ग पर भूस्खलन से रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोटी और घुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से ट्रैक के नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई और एक पुल का हिस्सा भी प्रभावित हुआ। सुरक्षा को देखते हुए इस हेरिटेज रेल रूट पर 10 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। वहीं, इस घटना से प्रभावित 391 यात्रियों और 40 रेल कर्मचारियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया।

कोटी-घुम्मन के बीच ट्रैक के नीचे खिसकी मिट्टी

उत्तर रेलवे के अनुसार, शनिवार रात लगातार बारिश के कारण कोटी और घुम्मन स्टेशनों के बीच ब्रिज नंबर 57 के पास पहाड़ी का एक हिस्सा खिसक गया। इससे ट्रैक के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा और पुल का कुछ हिस्सा असुरक्षित स्थिति में आ गया।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने परिचालन रोककर यात्रियों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान प्रभावित ट्रेनों को आगे जाने से रोक दिया गया और यात्रियों को सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

391 यात्री और 40 रेल कर्मचारी सुरक्षित निकाले गए

उत्तर रेलवे ने बताया कि कुल 391 यात्रियों और 40 ट्रेन क्रू सदस्यों को कालका पहुंचाया गया। यात्रियों और कर्मचारियों को सोलन, कोटी और धर्मपुर से पांच बसों और दो टेंपो ट्रैवलर के जरिए निकाला गया।

रेलवे के मुताबिक, स्थानीय यात्रियों को उनकी मंजिल के अनुसार आगे भेजा गया, जबकि करीब 120 यात्रियों को ट्रेन संख्या 13052 में यात्रा की सुविधा दी गई। इस ट्रेन को विशेष रूप से पुनर्निर्धारित कर रात करीब 1:30 बजे चलाया गया था।

रेलवे ने कहा कि बचाव और यात्रियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई। कालका स्टेशन पर किसी यात्री की शिकायत या रिफंड अनुरोध दर्ज नहीं होने की बात भी उत्तर रेलवे ने कही है।

कालका-शिमला रूट की 10 ट्रेनें रद्द

भूस्खलन के बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर कालका-शिमला नैरो गेज लाइन पर चलने वाली 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया। इसके अलावा घटना के तत्काल बाद चार आने वाली ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर ही समाप्त किया गया, ताकि यात्रियों को क्षतिग्रस्त हिस्से की ओर आगे न ले जाया जाए।

31 अगस्त की रिपोर्टों के मुताबिक, भारी बारिश से रेल मार्ग के एक अन्य हिस्से में भी पुल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। रेल यातायात को 1 सितंबर तक निलंबित रखने की सूचना दी गई है और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में अधिक समय लगने की संभावना जताई गई है।

मानसून में कई बार प्रभावित हुई है हेरिटेज रेल सेवा

कालका-शिमला रेल मार्ग पर इस मानसून में बारिश और भूस्खलन के कारण पहले भी परिचालन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी इलाके से गुजरने वाली यह रेल लाइन भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और मिट्टी खिसकने के प्रति संवेदनशील रहती है।

कालका-शिमला रेलवे करीब 96.6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्रैक रेल लाइन है और इसे यूनेस्को की Mountain Railways of India विश्व धरोहर संपत्ति में शामिल किया गया है। यूनेस्को के अनुसार, यह रेलमार्ग हिमालयी क्षेत्र के कठिन भूभाग में विकसित एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि का उदाहरण है।

यह मार्ग शिमला को कालका से जोड़ता है और अपने पहाड़ी दृश्यों तथा ऐतिहासिक ‘टॉय ट्रेन’ सेवा के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है।

यात्रियों के लिए क्या मायने रखता है?

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि कालका-शिमला रेल सेवा प्रभावित है और क्षतिग्रस्त ट्रैक की सुरक्षा जांच व बहाली का काम जरूरी है। ऐसे में इस रूट से यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को ट्रेन की स्थिति की पुष्टि किए बिना स्टेशन पहुंचने से बचना चाहिए।

भारी बारिश के बीच रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से ट्रैक और पुलों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। सेवा पूरी तरह बहाल होने का समय क्षति की वास्तविक स्थिति और मरम्मत की प्रगति पर निर्भर करेगा।

Share This Article
Exit mobile version