रुद्रपुर में भड़काऊ भाषण पर घिरे मुफ्ती मुजीब, FIR के बाद पुलिस हिरासत में; सीएम धामी बोले- धमकी देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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रुद्रपुर में भड़काऊ भाषण पर घिरे मुफ्ती मुजीब, FIR के बाद पुलिस हिरासत में; सीएम धामी बोले- धमकी देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

उत्तराखंड के रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में मुफ्ती मुजीब की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 29 अगस्त की ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मुफ्ती मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो में दिए गए बयान के संदर्भ और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह के बयान देने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर दिया था भाषण

मामला 26 अगस्त को रुद्रपुर में निकाले गए बारावफात के जुलूस से जुड़ा है। जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर हुई सभा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसमें रामपुर के दरियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब पर मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने का आरोप लगा।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और बयान के पूरे संदर्भ की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, कथित भाषण में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कंटेंट होने के आरोप की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

ऊधमसिंह नगर पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच के बाद मुफ्ती मुजीब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस प्रावधान से जुड़े आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने जुलूस की प्रबंधक कमेटी और इससे जुड़े अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।

अब पुलिस हिरासत में मुफ्ती मुजीब

शुरुआत में यह खबर सामने आई थी कि पुलिस मुफ्ती मुजीब की तलाश कर रही है और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन 29 अगस्त की ताजा रिपोर्टों के अनुसार उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अभी उनके बयान और वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ की जांच कर रही है। इसलिए इस स्तर पर इसे न्यायिक हिरासत या दोषसिद्धि के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

सीएम धामी ने कहा- धमकियों से सरकार नहीं डरेगी

मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में किसी को भी कानून हाथ में लेने या धमकी देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धामी ने कहा कि सरकार तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में काम नहीं करेगी और राज्य में संविधान तथा कानून के अनुरूप कार्रवाई होगी। उन्होंने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे सरकारी अभियान का भी उल्लेख किया।

रुद्रपुर मेयर ने भी जताई नाराजगी

मामले को लेकर रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने भी मुफ्ती मुजीब के बयान पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी को देवभूमि में स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में वायरल वीडियो, भाषण के संदर्भ और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

मुफ्ती मुजीब ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद मुफ्ती मुजीब की ओर से भी सफाई सामने आई है। उन्होंने कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनका दावा है कि उनका उद्देश्य सरकार को धमकी देना नहीं था, बल्कि मदरसों से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात अनुरोध के रूप में रखना था।

हालांकि, उनके बयान का वास्तविक संदर्भ और उसमें कानून-व्यवस्था या सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाली कोई बात थी या नहीं, यह पुलिस की जांच का विषय है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस मुफ्ती मुजीब से पूछताछ कर रही है और वायरल वीडियो के अलावा जुलूस से जुड़े अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।

इस मामले में मुफ्ती मुजीब पर आरोप और FIR दर्ज होना अलग बात है, जबकि अदालत में आरोप साबित होना अलग प्रक्रिया है। इसलिए फिलहाल उन्हें आरोपी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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