हाथरस में मां से दुष्कर्म का आरोप, सोते समय हाथ-पैर बांधकर मुंह में ठूंसा कपड़ा; आरोपी बेटा गिरफ्तार

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हाथरस के सिकंदराराऊ में मां से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार बेटा

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 63 वर्षीय महिला ने अपने छोटे बेटे पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। घटना 27 अगस्त की रात की बताई जा रही है। पुलिस ने पीड़िता के बड़े बेटे की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

सोते समय मां पर हमला करने का आरोप

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, महिला रात में घर पर सो रही थी। आरोप है कि इसी दौरान उसका छोटा बेटा विजय उर्फ पंडा वहां पहुंचा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी नशे की हालत में था और उसने महिला को दबोच लिया।

परिजनों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर महिला के हाथ-पैर बांध दिए और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

बड़े बेटे ने दर्ज कराई रिपोर्ट

घटना की जानकारी महिला ने अपने बड़े बेटे को दी, जिसके बाद उसने सिकंदराराऊ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विजय उर्फ पंडा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित पाठक के अनुसार, बड़े बेटे की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है।

आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी

परिजनों और ग्रामीणों के हवाले से सामने आया है कि आरोपी का पहले भी आपराधिक गतिविधियों से संबंध रहा है और वह कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी बात को फिलहाल पुलिस जांच के दायरे में ही देखा जाना चाहिए।

पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

यह मामला फिलहाल पुलिस में दर्ज शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।

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