सीतापुर में कांवड़ यात्रा के बीच दर्दनाक हादसा: 12 साल के केशू की सरोवर में डूबकर मौत, जल भरने से पहले उतरा था नहाने

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सीतापुर: कांवड़ लेने पहुंचे 12 वर्षीय बालक की सूर्यकुंड सरोवर में डूबने से मौत, जल भरने से पहले नहाने उतरा था

सीतापुर: सावन के आखिरी सोमवार पर कांवड़ लेकर जल भरने पहुंचे एक परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब 12 वर्षीय बालक की सरोवर में डूबने से मौत हो गई। लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के अकबरपुर गांव स्थित सूर्यकुंड मंदिर के सरोवर में हादसा उस समय हुआ, जब बालक अपने पिता और अन्य बच्चों के साथ स्नान करने उतरा था। करीब दो घंटे की तलाश के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद किया जा सका।

जल भरने से पहले सरोवर में उतरे थे बच्चे

मृतक बालक की पहचान केशू (12) के रूप में हुई है। वह लहरपुर क्षेत्र के शादीपुर गांव का रहने वाला था। बताया गया कि उसके पिता अनूप कुमार अवस्थी अपने बेटे और अन्य बच्चों के साथ सूर्यकुंड सरोवर से जल लेने पहुंचे थे।

परिवार की योजना सरोवर से जल भरकर फत्तेपुर स्थित गौरीशंकर मंदिर तक कांवड़ ले जाने की थी। जल भरने से पहले बच्चे सरोवर में स्नान करने लगे।

स्नान करने के बाद बाकी बच्चे पानी से बाहर निकल आए, लेकिन केशू नजर नहीं आया। बच्चों ने इसकी जानकारी तुरंत उसके पिता को दी। इसके बाद परिवार और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

दो घंटे तक चला तलाश अभियान

केशू के लापता होने की सूचना मिलने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने सरोवर में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चला।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू कराया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद केशू का शव सरोवर से बरामद किया जा सका।

शव बाहर निकलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

लहरपुर कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

सीतापुर में एक ही दिन डूबने की दूसरी घटना

सावन के आखिरी सोमवार पर सीतापुर में डूबने की यह अकेली घटना नहीं रही। सोमवार को नैमिषारण्य क्षेत्र के देवदेवेश्वर गोमती घाट पर भी स्नान के दौरान 20 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हुई। दोनों घटनाओं ने धार्मिक स्थलों और घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा गहरे पानी वाले स्थानों पर निगरानी की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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