N Chandrasekaran के बाद कौन संभालेगा टाटा ग्रुप की कमान? TV Narendran का नाम सबसे आगे, लेकिन कहानी में है बड़ा ट्विस्ट

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N Chandrasekaran के बाद कौन होगा टाटा ग्रुप का बॉस? TV Narendran पर टिकीं सबकी नजरें!

नई दिल्ली। टाटा ग्रुप में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने साफ कर दिया है कि उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होने के बाद वह दोबारा चेयरमैन पद के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे। चंद्रशेखरन का यह फैसला ऐसे समय आया है जब टाटा सन्स के बोर्ड में उनके अगले कार्यकाल को लेकर महीनों से स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक टाटा ग्रुप की कमान किसके हाथ में जाएगी?

इसी सवाल के बीच टाटा स्टील के CEO और MD टीवी नरेंद्रन का नाम तेजी से चर्चा में आया है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नरेंद्रन ही अगले टाटा सन्स चेयरमैन होंगे। दरअसल, 13 अगस्त को टाटा ट्रस्ट्स ने अगले चेयरमैन के चयन के लिए एक चयन समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। यानी उत्तराधिकारी की तलाश अब औपचारिक प्रक्रिया में प्रवेश कर चुकी है।

चंद्रशेखरन के बाद क्यों खाली हो रही है सबसे बड़ी कुर्सी?

एन चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा सन्स की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एयरलाइन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य नए क्षेत्रों में बड़े विस्तार पर जोर दिया। लेकिन फरवरी 2026 में उनके तीसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के प्रस्ताव पर टाटा सन्स बोर्ड में सर्वसम्मति नहीं बन पाई थी।

कई महीनों तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद चंद्रशेखरन ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टाटा ग्रुप के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट निर्णायक दौर में हैं और ऐसे में फरवरी 2027 से पहले नेतृत्व को लेकर स्पष्टता जरूरी है।

अब टाटा ट्रस्ट्स ने शुरू की उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया

चंद्रशेखरन के फैसले के बाद सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम 13 अगस्त को सामने आया। टाटा ट्रस्ट्स के अंतर्गत आने वाले सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने अगले टाटा सन्स चेयरमैन के चयन के लिए एक Selection Committee गठित करने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह समिति संभावित उम्मीदवारों की सिफारिश करेगी।

टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रस्ट्स के पास टाटा सन्स की लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में अगले चेयरमैन के चयन में ट्रस्ट्स की राय बेहद अहम होगी। हालांकि अंतिम नियुक्ति की प्रक्रिया टाटा सन्स के कॉरपोरेट गवर्नेंस ढांचे के तहत आगे बढ़ेगी।

TV Narendran का नाम क्यों हो रहा है इतना मजबूत?

उत्तराधिकारी की चर्चा में टीवी नरेंद्रन का नाम इसलिए खास है क्योंकि वह टाटा ग्रुप के कोई बाहरी उम्मीदवार नहीं, बल्कि लगभग चार दशक से समूह से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी हैं।

नरेंद्रन 1988 में टाटा स्टील से जुड़े थे। उन्होंने NIT त्रिची से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और IIM कलकत्ता से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। टाटा स्टील में अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने सेल्स, मार्केटिंग, इंटरनेशनल ट्रेड, सप्लाई चेन, प्लानिंग, ऑपरेशंस और जनरल मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्रों में काम किया।

आज वह टाटा स्टील के CEO और Managing Director हैं और उनके पास माइनिंग एवं मेटल्स इंडस्ट्री का 37 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

टाटा स्टील को संभालने का अनुभव सबसे बड़ी ताकत

टीवी नरेंद्रन का करियर केवल लंबा ही नहीं रहा, बल्कि उन्होंने टाटा स्टील के कई जटिल दौर भी देखे हैं। उन्होंने भारत के अलावा विदेशों में भी टाटा स्टील के कारोबार से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के कारोबार में उनका अनुभव रहा है और वह टाटा स्टील के अंतरराष्ट्रीय विस्तार से भी जुड़े रहे हैं।

टाटा की अपनी आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, नरेंद्रन ने पिछले एक दशक में टाटा स्टील के ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक ग्रोथ की देखरेख की है। यही अनुभव उन्हें ऐसे उम्मीदवार के तौर पर पेश करता है जो बड़े, जटिल और वैश्विक कारोबार को संभालने की क्षमता रखता है।

सिर्फ अनुभव ही नहीं, टाटा संस्कृति की भी गहरी समझ

टाटा सन्स के चेयरमैन की भूमिका किसी एक कंपनी के CEO से काफी अलग होती है। टाटा ग्रुप में TCS, Tata Motors, Tata Steel, Air India, Tata Power, Tata Capital, Retail और नए सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार जैसे कई बड़े बिजनेस शामिल हैं।

ऐसे में चेयरमैन को अलग-अलग इंडस्ट्री की समझ के साथ-साथ पूंजी आवंटन, रणनीतिक निवेश, कॉरपोरेट गवर्नेंस और समूह की दीर्घकालिक दिशा पर फैसले लेने होते हैं।

नरेंद्रन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह लंबे समय से टाटा सिस्टम का हिस्सा हैं। टाटा की कार्यशैली और संस्थागत संस्कृति को समझने के साथ-साथ उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का अनुभव भी है।

हर्ष गोयनका ने भी नरेंद्रन के नाम का किया समर्थन

टीवी नरेंद्रन की दावेदारी को लेकर कारोबारी जगत में चर्चा और तेज तब हुई जब RPG Enterprises के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया। गोयनका ने नरेंद्रन को टाटा ग्रुप के लिए एक मजबूत अंदरूनी उम्मीदवार के तौर पर देखा है।

हालांकि, किसी कारोबारी दिग्गज का समर्थन आधिकारिक चयन का संकेत नहीं है। टाटा सन्स के अगले चेयरमैन का फैसला निर्धारित चयन प्रक्रिया और संबंधित बोर्ड स्तर की मंजूरी के बाद ही होगा।

क्या TV Narendran ही होंगे अगले Tata Sons Chairman?

अभी इसका जवाब है: जरूरी नहीं।

नरेंद्रन का नाम मजबूत जरूर है, लेकिन फिलहाल उनके नाम पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। मीडिया रिपोर्टों में अन्य संभावित नामों की भी चर्चा है और चयन प्रक्रिया में आंतरिक तथा बाहरी दोनों उम्मीदवारों पर विचार किए जाने की संभावना है।

यानी फिलहाल तस्वीर कुछ ऐसी है कि नरेंद्रन दौड़ में एक प्रमुख नाम हैं, लेकिन रेस खत्म नहीं हुई है।

Noel Tata की भूमिका भी होगी बेहद अहम

इस पूरी कहानी में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स की अध्यक्षता करते हैं और टाटा सन्स के बोर्ड में भी शामिल हैं। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा सन्स में बड़ी हिस्सेदारी को देखते हुए उत्तराधिकारी चयन में उनकी भूमिका पर कारोबारी जगत की नजर रहेगी।

हाल के महीनों में टाटा ट्रस्ट्स और टाटा सन्स के बीच कुछ महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेदों की रिपोर्टें भी सामने आई हैं। ऐसे में अगला चेयरमैन सिर्फ कारोबारी प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि समूह की गवर्नेंस और दीर्घकालिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा।

नए चेयरमैन के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

जो भी व्यक्ति टाटा सन्स की अगली कमान संभालेगा, उसके सामने चुनौतियों की लंबी सूची होगी।

Air India के कारोबार को मजबूत करना, Tata Motors और Jaguar Land Rover से जुड़े वैश्विक बदलावों के बीच रणनीति तय करना, TCS की ग्रोथ को बनाए रखना, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए कारोबारों में बड़े निवेश को आगे बढ़ाना और समूह की विभिन्न कंपनियों के बीच पूंजी का प्रभावी इस्तेमाल करना उनमें प्रमुख होंगे।

इसके साथ ही Tata Sons की गवर्नेंस, भविष्य की रणनीतिक दिशा और टाटा ट्रस्ट्स के साथ तालमेल भी नए चेयरमैन के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय होंगे।

फरवरी 2027 तक साफ हो सकती है पूरी तस्वीर

एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। इससे पहले टाटा सन्स को नए नेतृत्व को लेकर स्पष्ट फैसला करना होगा ताकि संक्रमण सुचारु तरीके से हो सके।

टीवी नरेंद्रन इस समय सबसे चर्चित संभावित नामों में जरूर हैं। लगभग चार दशक का टाटा अनुभव, टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनी का नेतृत्व और वैश्विक कारोबार की समझ उनके पक्ष में जाती है। लेकिन अब जबकि चयन समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, असली फैसला आने वाले महीनों में होगा।

फिलहाल टाटा ग्रुप के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या करीब चार दशक से टाटा परिवार का भरोसा जीतने वाले TV Narendran अब पूरे टाटा साम्राज्य की कमान संभालेंगे, या Selection Committee किसी दूसरे चेहरे को चुनेगी? इसका जवाब आने वाले महीनों में सामने आएगा।

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