कैब बुक करते ही टिप मांगने वाले ऐप्स पर सरकार का शिकंजा, Advance Tip फीचर पर लगी रोक

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कैब बुकिंग पर सरकार का बड़ा एक्शन! राइड शुरू होने से पहले Tip मांगने वाले फीचर पर रोक

नई दिल्ली: अगर आप Ola, Uber या किसी दूसरे कैब एग्रीगेटर से कैब बुक करते हैं और राइड शुरू होने से पहले ऐप आपसे टिप मांगता है, तो अब ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने कैब और अन्य मोटर वाहन एग्रीगेटर्स के लिए प्री-राइड टिपिंग फीचर को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 11 अगस्त 2026 को सभी संबंधित एग्रीगेटर्स को निर्देश दिया कि वे राइड शुरू होने से पहले टिप मांगने, टिप के लिए दबाव बनाने या टिप को राइड मिलने की संभावना से जोड़ने वाले किसी भी फीचर को हटाएं।

यानी अब यात्री को कैब बुक करते समय यह चुनने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकेगा कि वह पहले से ड्राइवर को कितनी टिप देना चाहता है।

‘Advance Tip’ और ‘Choose an Add-on’ पर सरकार की नजर

मंत्रालय के मुताबिक कुछ कैब एग्रीगेटर ऐप्स पर ‘Advance Tip’ और ‘Choose an Add-on’ जैसे विकल्प दिखाई दे रहे थे। कुछ मामलों में यात्रियों को यह संकेत भी दिया जा रहा था कि टिप देने से ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ सकती है।

सरकार ने ऐसे फीचर्स को Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 के अनुरूप नहीं माना है। इसलिए एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा कर ऐसे सभी विकल्पों को हटाने का निर्देश दिया गया है।

अब कब दे पाएंगे कैब ड्राइवर को टिप?

नए निर्देश का सबसे सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा।

अब अगर यात्री ड्राइवर को टिप देना चाहता है तो उसे राइड पूरी होने के बाद ही टिप देने का विकल्प मिलेगा। बुकिंग के समय या राइड शुरू होने से पहले टिप का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।

यानी यात्री पहले कैब सेवा का अनुभव करेगा और उसके बाद अपनी इच्छा से तय कर सकेगा कि ड्राइवर को टिप देनी है या नहीं।

टिप देने से कैब जल्दी मिलने का दावा नहीं चलेगा

सरकार ने एक और महत्वपूर्ण बात स्पष्ट की है। ऐप पर ऐसा कोई इंटरफेस, संदेश या विकल्प नहीं होना चाहिए जिससे यात्री को यह लगे कि ज्यादा टिप देने पर कैब जल्दी मिल जाएगी या ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ जाएगी।

इसका मतलब है कि टिप को राइड कन्फर्मेशन, ड्राइवर अलॉटमेंट, वेटिंग टाइम या बेहतर सर्विस से जोड़कर पेश नहीं किया जा सकेगा।

सरकार का जोर इस बात पर है कि टिप वास्तव में स्वैच्छिक हो और यात्री को किसी तरह का अप्रत्यक्ष दबाव महसूस न हो।

ड्राइवर को मिलेगी टिप की पूरी रकम

सरकार के निर्देश में ड्राइवरों के हित से जुड़ा एक अहम प्रावधान भी है।

अगर यात्री राइड खत्म होने के बाद टिप देता है तो टिप की पूरी राशि ड्राइवर को मिलनी चाहिए। एग्रीगेटर उस रकम में से अपना हिस्सा नहीं काट सकता।

इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार टिप को कैब किराए का हिस्सा नहीं, बल्कि यात्री की तरफ से ड्राइवर को दिया जाने वाला स्वैच्छिक अतिरिक्त भुगतान मान रही है।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

इस बदलाव के बाद कैब बुक करते समय यात्रियों को पहले से टिप देने के लिए प्रेरित करने वाले विकल्प दिखाई नहीं देने चाहिए।

मसलन, अगर ऐप पर यह संदेश आता है कि ‘टिप देने से ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ेगी’, तो ऐसा फीचर अब नियमों के अनुरूप नहीं होगा।

यात्रियों के लिए इसका सीधा मतलब है कि पहले सेवा लें, फिर पसंद आए तो टिप दें।

एग्रीगेटर्स को तुरंत ऐप की समीक्षा करने का निर्देश

मंत्रालय ने कैब और अन्य वाहन एग्रीगेटर्स को अपने ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की तत्काल समीक्षा करने और जरूरी बदलाव लागू करने को कहा है।

सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब ऐप आधारित कैब सेवाओं में किराए के अलावा अलग-अलग ऐड-ऑन और टिपिंग विकल्पों को लेकर यात्रियों की चिंता बढ़ती रही है।

नए निर्देश से सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि टिप स्वैच्छिक होनी चाहिए, राइड हासिल करने का जरिया नहीं।

यात्रियों के लिए राहत, ड्राइवरों के लिए भी साफ नियम

सरकार का यह फैसला यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रियों को राइड मिलने के लिए अतिरिक्त रकम देने के संभावित दबाव से राहत मिलेगी, जबकि ड्राइवरों को मिलने वाली टिप के संबंध में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि राइड खत्म होने के बाद दी गई टिप की पूरी राशि उन्हीं की होगी।

अब देखना होगा कि सभी कैब एग्रीगेटर अपने ऐप्स में इन बदलावों को कितनी जल्दी लागू करते हैं।

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