संजू सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में पढ़े कसीदे, कहा — ‘उसका टीम में आना तय था’

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संजू सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में पढ़े कसीदे, कहा — 'उसका टीम में आना तय था'

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में संजू सैमसन ने शानदार वापसी करते हुए 22 गेंदों में 7 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 57 रनों की तूफानी पारी खेली। मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली में खेले गए इस मैच में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला गुरुवार, 17 सितंबर को इसी मैदान पर खेला जाएगा।

पहले मैच में फ्लॉप रहे थे सैमसन, दूसरे में जड़ा अर्धशतक

सीरीज के पहले मुकाबले में सैमसन सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद प्लेइंग 11 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे थे। दूसरे मैच में 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सैमसन ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन जमने के बाद आक्रामक अंदाज़ अपनाते हुए महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी पारी 259.09 के स्ट्राइक रेट से आई। ओपनिंग पार्टनर अभिषेक शर्मा ने भी 19 गेंदों में 39 रनों का योगदान दिया, जिससे भारत ने पावरप्ले में ही तेज शुरुआत हासिल कर ली। भारत ने 14.5 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले नीतीश कुमार रेड्डी ने गेंदबाजी में तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान को 159/8 के स्कोर पर रोका था।

संजू सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए संजू सैमसन ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की और साफ किया कि उनका भारतीय टीम में आना तय था। दरअसल, इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती मुकाबलों में नाकाम रहने के बाद जब सैमसन को प्लेइंग 11 से बाहर किया गया था, तब उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला था। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर सैमसन टीम इंडिया के स्क्वाड का हिस्सा भी नहीं थे, जहां वैभव ने अपने बल्ले से प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।

सैमसन ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले कहा, भारतीय टीम को चलाना आसान काम नहीं है। आप एक 15 साल के लड़के को देखते हैं जिसने 700-800 रन बनाए हैं। मेरा टूर्नामेंट उससे पहले था और उसके बाद उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, और उसे किसी न किसी तरह टीम में आना ही था। मैं 2-3 मैचों में अच्छा नहीं खेल पाया और वह अच्छी फॉर्म में था। हम उस सीरीज में मैच जीतना चाहते थे, ऐसे में नेतृत्व के नजरिए से यह बात पूरी तरह समझ में आती है। मैंने पहले भी बताया कि मैं खुद भी ऐसी स्थिति में रहा हूं, जिसमें मैंने IPL फ्रेंचाइजी में कप्तान के तौर पर मुश्किल फैसले लिए हैं, इसलिए मैं इस स्थिति को पूरी तरह समझ सकता हूं।”

‘ऐसे में बातचीत काफी अहम हो जाती है’

सैमसन ने आगे कहा कि इस तरह की स्थिति में किसी भी खिलाड़ी के साथ लीडरशिप की तरफ से बातचीत बेहद अहम हो जाती है। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड सीरीज के दौरान हेड कोच ने उनसे इस बारे में बातचीत की थी। उन्होंने कहा, “किसी के लिए इस तरह के मुश्किल फैसले लेना बिल्कुल भी आसान काम नहीं होता, लेकिन लीडरशिप के तौर पर हम टीम को सबसे आगे रखते हैं, और उसी को ध्यान में रखते हुए इस तरह के मुश्किल फैसले लिए जाते हैं।”

अपनी इस पारी के साथ सैमसन भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में ओपनर के तौर पर 1,000 रन पूरे करने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं।

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