एयर इंडिया के अगले चरण में सुरक्षा और यात्रियों का भरोसा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। टाटा संस के चेयरमैन और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने सोमवार को कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एयरलाइन का सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइंस से भी बेहतर होना चाहिए। उन्होंने परिचालन में सुधार और लागत पर सख्त अनुशासन की संस्कृति विकसित करने पर भी जोर दिया।
चंद्रशेखरन का यह बयान ऐसे समय आया है जब एयर इंडिया नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। टेवोल्डे गेबरियाम नए CEO और MD के रूप में कंपनी की कमान संभाल रहे हैं, जबकि कैंपबेल विल्सन निवर्तमान CEO हैं। दोनों सोमवार के कर्मचारी टाउनहॉल में चंद्रशेखरन के साथ मौजूद रहे।
‘लोगों का भरोसा हासिल करना सबसे जरूरी’
चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया के अगले चरण में चार चीजों पर विशेष ध्यान देना होगा—सुरक्षा, ग्राहक का भरोसा, परिचालन में उत्कृष्टता और लागत अनुशासन।
उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि एयर इंडिया को ऐसा ब्रांड बनना चाहिए जिस पर लोग भरोसा करें। इसके लिए केवल सुरक्षा प्रक्रियाएं बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मजबूत सिस्टम, नियमों का सख्ती से पालन और कर्मचारियों की जवाबदेही भी जरूरी होगी।
‘सुरक्षा रिकॉर्ड सबसे बेहतर से भी बेहतर होना चाहिए’
चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के सुरक्षा मानकों को लेकर स्पष्ट लक्ष्य रखा। उनका कहना था कि एयरलाइन का सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइंस के बराबर भर नहीं होना चाहिए, बल्कि उससे बेहतर होना चाहिए।
यह टिप्पणी एयर इंडिया के लिए हाल के चुनौतीपूर्ण दौर की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है। पिछले 18 महीनों में एयरलाइन को भू-राजनीतिक तनाव, एयरस्पेस बंद होने, ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव और AI171 हादसे जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है।
अगस्त 2026 में फुकेत से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की एक A320 उड़ान में भी गंभीर घटना हुई थी, जिसमें 24 यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए थे। AAIB की प्रारंभिक जांच में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में कुछ समय के लिए दबाव खत्म होने की बात सामने आई थी; घटना के कारण की अंतिम पुष्टि अभी जांच का विषय है।
लागत नियंत्रण पर भी जोर
सुरक्षा के साथ चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया में cost consciousness यानी लागत के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कंपनी का प्रत्येक कर्मचारी लागत दक्षता बेहतर करने में योगदान दे सकता है।
यह चुनौती एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति के कारण भी महत्वपूर्ण है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को मिलाकर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 22,238 करोड़ रुपये का संयुक्त शुद्ध घाटा दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 10,859 करोड़ रुपये के घाटे से काफी अधिक था।
टेवोल्डे गेबरियाम के लिए नई जिम्मेदारी
टाउनहॉल में चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के नए CEO और MD टेवोल्डे गेबरियाम का कर्मचारियों से औपचारिक परिचय कराया। एयर इंडिया के बोर्ड ने 5 अगस्त 2026 को उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी। चयन प्रक्रिया की निगरानी बोर्ड की एक समर्पित समिति ने की थी।
गेबरियाम को विमानन क्षेत्र में लंबा अनुभव है। वह इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO के रूप में एक दशक से अधिक समय तक काम कर चुके हैं। एयर इंडिया ने उनकी नियुक्ति के समय उनकी परिचालन उत्कृष्टता, सुरक्षा संस्कृति और बड़े पैमाने पर एयरलाइन टर्नअराउंड के अनुभव को प्रमुख योग्यता के रूप में बताया था।
नए CEO ने भी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि safety-first culture उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कर्मचारियों को सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चिंता को सामने रखने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
कैंपबेल विल्सन के कार्यकाल का अगला अध्याय
टाउनहॉल में निवर्तमान CEO कैंपबेल विल्सन भी मौजूद रहे। उनके कार्यकाल में एयर इंडिया के टाटा समूह के तहत बदलाव की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं आगे बढ़ीं, जिनमें एयर इंडिया-विस्तारा विलय और समूह के परिचालन के एकीकरण जैसे कदम शामिल हैं।
अब गेबरियाम के सामने इस परिवर्तन को अगले चरण तक ले जाने की जिम्मेदारी है। चंद्रशेखरन ने संकेत दिया है कि इस चरण में केवल विस्तार नहीं, बल्कि सुरक्षा, भरोसा, परिचालन की विश्वसनीयता और वित्तीय अनुशासन पर समान रूप से ध्यान देना होगा।
2022 में टाटा समूह के पास लौटी एयर इंडिया
भारत सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण पूरा होने के बाद 27 जनवरी 2022 को टाटा समूह ने एयरलाइन का प्रबंधन और नियंत्रण संभाला था। इसके बाद एयर इंडिया को एक आधुनिक वैश्विक एयरलाइन में बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई।
बाद में टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच एयर इंडिया और विस्तारा के विलय का समझौता हुआ। विलय पूरा होने के बाद सिंगापुर एयरलाइंस की एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हो गई।
अब नेतृत्व परिवर्तन के साथ एयर इंडिया के सामने अगली बड़ी चुनौती यह है कि वह सुरक्षा और परिचालन मानकों को मजबूत करने के साथ यात्रियों का भरोसा वापस हासिल करे और वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार करे।

