सीएम योगी का सपा पर बड़ा हमला, बोले- ‘एक परिवार के 5 सांसदों वाले दल का भी जनता दल जैसा हाल होना तय’

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देवरिया में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सपा की परिवारवादी राजनीति, पिछली सरकारों के दौरान कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को लेकर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह कभी जनता दल का राजनीतिक पतन हुआ, उसी तरह एक परिवार के पांच सांसदों के सहारे चलने वाली सपा का भी भविष्य में वही हाल होना तय है।

योगी आदित्यनाथ देवरिया में करीब 305 करोड़ रुपये की 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की समस्या और पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा।

पांच सांसदों वाले बयान पर योगी का पलटवार

मुख्यमंत्री का यह हमला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान की पृष्ठभूमि में आया है। अखिलेश यादव ने कहा था कि सपा के पांच सांसद एक ही परिवार से हैं और इसी वजह से पार्टी में टूट नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के कई सांसद मुस्लिम हैं और कई प्रतिबद्ध समाजवादी हैं।

अखिलेश के इस बयान पर योगी ने सपा की परिवारवादी राजनीति को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता अगले विधानसभा चुनाव में सपा को पूरी तरह नकार सकती है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ‘बबुआ’ कहकर सपा के खिलाफ परिवारवाद और गरीबों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर हमला कर चुके हैं।

सपा के पांच पारिवारिक सांसदों में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, आदित्य यादव, अक्षय यादव और धर्मेंद्र यादव शामिल हैं।

इंसेफेलाइटिस को लेकर सपा-कांग्रेस पर आरोप

देवरिया में मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक रही इंसेफेलाइटिस की समस्या को लेकर पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चार दशकों से अधिक समय में इंसेफेलाइटिस के कारण 50 हजार से ज्यादा मासूमों की जान गई।

योगी ने इसे केवल बीमारी नहीं बल्कि पिछली सरकारों की ‘बीमार सोच’ से जोड़ते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस के शासनकाल में इस समस्या पर पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकारों के अधिकारी भी इस मामले में गंभीर नहीं थे।

हालांकि, 50 हजार से अधिक मौतों का आंकड़ा मुख्यमंत्री द्वारा किया गया राजनीतिक दावा है, इसलिए इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित सरकारी आंकड़े के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

‘एक जिला, एक माफिया’ से ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की मौजूदा स्थिति की तुलना पिछली सरकारों से की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में प्रदेश में माफिया का प्रभाव था और गरीबों तथा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्याएं थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने माफिया पर कार्रवाई की है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है। उन्होंने ‘एक जिला, एक माफिया’ के कथित पुराने दौर के मुकाबले ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ने का दावा किया।

उन्होंने देवरिया और कुशीनगर में मेडिकल कॉलेजों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश अब विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

जेपीएनआईसी पर भी अखिलेश यादव को घेरा

मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। योगी ने दावा किया कि परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार के दौरान इस पर करीब 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद यह अधूरी रह गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार की योजना सरकारी खजाने से जेपीएनआईसी पर आगे भी बड़ी रकम खर्च कर इसे निजी कंपनी के संचालन में देने की थी। योगी के मुताबिक इसके लिए करीब 900 से 1,000 करोड़ रुपये तक खर्च करने की योजना थी।

जेपीएनआईसी का मुद्दा फिलहाल इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल में इसे निजी कंपनियों को संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। विपक्ष इस फैसले का विरोध कर रहा है।

योगी बोले- सपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए

मुख्यमंत्री ने सपा पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपने शासनकाल के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सपा पर परिवार केंद्रित राजनीति करने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

योगी ने यह भी कहा कि सपा को यह समझना चाहिए कि केवल परिवार के कई लोगों के सांसद होने से पार्टी लंबे समय तक नहीं बच सकती। उनका दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सपा के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगी।

2027 से पहले तेज हो रही यूपी की सियासी लड़ाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच हालिया बयानबाजी को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक तल्खी के तौर पर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव परिवार के पांच सांसदों को पार्टी की एकजुटता की वजह बता रहे हैं, जबकि योगी इसे परिवारवाद के रूप में निशाना बना रहे हैं।

फिलहाल दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। योगी के ताजा बयान में सपा के परिवारवाद से लेकर उसके पिछले शासनकाल और जेपीएनआईसी जैसे मुद्दों को एक साथ निशाना बनाया गया है।

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