बेंगलुरु: महाराष्ट्र के बाद अब कर्नाटक में भी होटलों और फूड आउटलेट्स की खाद्य गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सख्त जांच शुरू हो गई है। कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर बेंगलुरु समेत राज्य के प्रमुख इलाकों में अचानक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसके लिए 30 विशेष टीमों का गठन किया गया है।
यह कार्रवाई होटलों, रेस्तरां और अन्य फूड आउटलेट्स में खराब गुणवत्ता वाले भोजन और स्वच्छता मानकों की अनदेखी से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की जा रही है।
शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीनिवास के अनुसार, विभाग को नागरिकों और सोशल मीडिया के माध्यम से कई शिकायतें मिली थीं। इनमें होटल, रेस्तरां और फूड आउटलेट्स में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की शिकायतें शामिल थीं।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा और प्रशासन विभाग के अधिकारियों को शामिल करते हुए 30 विशेष टीमें बनाई गईं। ये टीमें बेंगलुरु और राज्य के अन्य प्रमुख व भीड़भाड़ वाले इलाकों में अचानक पहुंचकर खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं।
एक्सपायर सामान से लेकर किचन की सफाई तक जांच
जांच अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई मानकों को देखा जा रहा है। अधिकारियों की टीमें खास तौर पर एक्सपायर हो चुकी खाद्य सामग्री, खाना बनाने के अस्वच्छ तरीकों, खाद्य पदार्थों के गलत भंडारण, प्रतिबंधित रंगों और रसायनों के इस्तेमाल तथा लेबलिंग नियमों के पालन की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान अगले कुछ हफ्तों तक जारी रहेगा। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाकर कॉलेजों, हॉस्टलों और कैटरिंग सेवाओं तक किया जा सकता है।
वायरल वीडियो और शिकायतों के बाद बढ़ी निगरानी
हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें भोजन की गुणवत्ता और रसोई की साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाए गए। कुछ शिकायतों में गोभी मंचूरियन और कबाब जैसे खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया था।
बेंगलुरु और अन्य शहरों के लोकप्रिय भोजनालयों की रसोई में कथित गंदगी को लेकर भी शिकायतें सामने आती रही हैं। पिछले साल भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्ट्रीट फूड में फूड पॉइजनिंग और कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की शिकायतों के बाद इसी तरह का अभियान चलाया था। उस दौरान कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने के साथ जुर्माना भी लगाया गया था।
क्लाउड किचन और पब भी निगरानी के दायरे में
बेंगलुरु में क्लाउड किचन, पब और देर रात तक खाना पहुंचाने वाली सेवाओं के बढ़ते चलन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में लाइसेंस रद्द करने से लेकर एफआईआर दर्ज करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी होटल, रेस्तरां या फूड आउटलेट में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन नजर आता है तो वे संबंधित हेल्पलाइन या राज्य के शिकायत पोर्टल के माध्यम से इसकी जानकारी दें।

