UKSSSC भर्ती घोटाला: पूर्व CM हरीश रावत के PA के घर ED रेड में 32 लाख कैश, सोना-हीरे मिले, दबाव में रावत ने छोड़े कांग्रेस के पद

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UKSSSC भर्ती घोटाला: पूर्व CM हरीश रावत के PA के घर ED रेड में 32 लाख कैश, सोना-हीरे मिले, दबाव में रावत ने छोड़े कांग्रेस के पद

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 सितंबर 2026 को देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में सबसे बड़ा नाम पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के मौजूदा निजी सहायक (PA) चंदन सिंह जीना का सामने आया, जिनके रायपुर तपोवन रोड स्थित घर से करीब 32 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी, 200.5 ग्राम सोना और एक दर्जन महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद हुईं। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई और हरीश रावत ने कांग्रेस के दो संगठनात्मक पदों से हटने की इच्छा जताई।

क्या हुआ

ईडी के देहरादून सब-जोनल कार्यालय की टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत यह छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई 2016 की VPDO परीक्षा में OMR शीट के साथ कथित छेड़छाड़ और उम्मीदवारों से पैसे लेकर परिणाम प्रभावित करने के आरोपों से जुड़ी है। एजेंसियों का दावा है कि जांच में सामने आए मनी ट्रेल के आधार पर ही टीम चंदन सिंह जीना के घर तक पहुंची। जीना फिलहाल हरीश रावत के निजी सहायक के तौर पर काम कर रहे हैं, जबकि वर्ष 2009 से 2017 के बीच, जब रावत मुख्यमंत्री थे, वे उनके OSD (विशेष कर्तव्य अधिकारी) भी रह चुके हैं।

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ

ईडी के मुताबिक, जीना के घर की तलाशी में 32 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी के अलावा करीब 200.5 ग्राम सोना मिला, जिसमें 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन शामिल हैं। इसके साथ ही Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड की 12 महंगी घड़ियां भी बरामद हुईं। एजेंसी ने बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये आंकी है, हालांकि कुछ घड़ियों के मूल्यांकन का काम अभी जारी होने के कारण यह आंकड़ा आगे बदल सकता है। जांच के दौरान जीना का मोबाइल फोन भी फोरेंसिक परीक्षण के लिए जब्त किया गया है।

बैंक खाते फ्रीज, आय से अधिक खर्च का दावा

ईडी ने PMLA की धारा 17(1A) के तहत चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है, जिनमें कुल 52.16 लाख रुपये की राशि जमा थी। एजेंसी का दावा है कि जीना ने बड़ी रकम नकद में खर्च की, जिसका कोई स्पष्ट स्रोत सामने नहीं आया है। ईडी के अनुसार बरामद नकदी, सोना और अन्य संपत्तियां उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से मेल नहीं खातीं, हालांकि यह आरोप अभी जांच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

कैसे हुआ कथित घोटाला

जांच एजेंसियों के आरोप के अनुसार, VPDO परीक्षा में उन OMR शीट के रोल नंबर अलग किए गए जिनमें कम सही जवाब भरे गए थे। इसके बाद ये रोल नंबर कथित तौर पर एक निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को सौंपे गए, जिन्होंने पैसे लेकर OMR शीट के गोलों में बदलाव किया और शीट को दोबारा सील कर दिया। आरोप है कि इस काम के बदले अवैध रकम बिचौलियों के जरिए पहुंचाई गई। ये सभी बिंदु अभी आरोप के स्तर पर हैं और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

जांच की पृष्ठभूमि

VPDO परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें लंबे समय से चली आ रही हैं। शुरुआत में इस मामले की जांच उत्तराखंड विजिलेंस ने की थी। बाद में वर्ष 2023 में यह मामला विशेष कार्य बल (STF) को सौंपा गया, जिसने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच और दर्ज प्राथमिकी में सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की, जिसके तहत अब यह छापेमारी की गई है।

हरीश रावत की प्रतिक्रिया

छापेमारी के बाद देर रात हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि उनसे जुड़ी किसी बात के कारण आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई कमजोर पड़े। रावत ने चंदन सिंह जीना को अपना पुराना सहयोगी बताते हुए कहा कि उनके घर से नकदी और आभूषण बरामद होने के जो दावे सामने आ रहे हैं, उनकी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप साबित होते हैं तो वे इससे स्वयं शर्मिंदा महसूस करेंगे।

इसी पोस्ट में रावत ने कांग्रेस के दो पदों— उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की सदस्यता और कांग्रेस कार्यसमिति की स्थायी आमंत्रित सदस्यता— से हटने की इच्छा जताई। कई मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया में इसे रावत के “पार्टी से इस्तीफे” के तौर पर प्रचारित किया गया, हालांकि उनकी मूल पोस्ट में कांग्रेस से पूर्ण इस्तीफे का सीधा उल्लेख नहीं है। इसलिए इस बिंदु पर अलग-अलग मीडिया संस्थानों की व्याख्या में अंतर है और स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

आगे क्या

ईडी के अनुसार जांच अभी जारी है। जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच के जरिए एजेंसी संभावित संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों के और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है, हालांकि इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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