आगरा के जयपुर हाउस स्थित राज्य कर विभाग (SGST) में तैनात एक संग्रह अमीन पिछले 18 वर्षों से विभाग से अनुपस्थित है। लंबे समय से कर्मचारी का कोई पता नहीं चलने के बाद अब विभाग ने उसके खिलाफ अंतिम सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें उसे निर्धारित अवधि के भीतर कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर विभाग एकतरफा सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर सकता है।
संयुक्त आयुक्त राज्य कर अजित कुमार के अनुसार, नगला खेरिया कमाल खां निवासी संग्रह अमीन धर्मप्रकाश ने फरवरी 1992 में विभाग में कार्यभार ग्रहण किया था। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक वह फरवरी 2008 से बिना पूर्व सूचना के लगातार अनुपस्थित है। उसका अंतिम वेतन भी फरवरी 2008 में ही निकाला गया था।
18 साल से विभाग से गैरहाजिर
विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार धर्मप्रकाश के लगातार अनुपस्थित रहने के बावजूद लंबे समय तक उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी क्रम में जुलाई 2025 में विभाग ने उसके दर्ज पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस भेजा था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वह उस पते पर नहीं मिला।
इसके बाद अब राज्य कर विभाग ने सार्वजनिक रूप से अंतिम नोटिस जारी कर कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का आखिरी मौका दिया है।
15 सितंबर तक देना होगा स्पष्टीकरण
नोटिस के मुताबिक धर्मप्रकाश को 15 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे तक या उससे पहले किसी भी कार्यदिवस पर जयपुर हाउस स्थित संयुक्त आयुक्त राज्य कर कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में वह उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखता है, तो यह माना जाएगा कि उसे इस मामले में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद विभाग उसके खिलाफ आगे की कठोर कार्रवाई कर सकता है, जिसमें एकतरफा सेवा समाप्ति भी शामिल है।
विभागीय आचरण नियमावली के उल्लंघन का मामला
लगातार बिना सूचना अनुपस्थित रहने का मामला कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन से जुड़ा है। विभाग की ओर से जारी अंतिम नोटिस इसी आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाने का संकेत है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में धर्मप्रकाश के 2008 से अब तक विभाग से अनुपस्थित रहने के कारणों या इस अवधि में उनके संबंध में किसी अन्य आधिकारिक कार्रवाई का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसी तरह, उनके वर्तमान ठिकाने के बारे में भी कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि 18 साल से विभाग से गायब संग्रह अमीन धर्मप्रकाश 15 सितंबर की समयसीमा तक सामने आते हैं या नहीं। यदि वह उपस्थित नहीं होते हैं, तो विभाग उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई आगे बढ़ा सकता है।
