आगरा: DVVNL के एपीआरओ का व्हाट्सएप हैक, फर्जी ‘आरटीओ चालान’ एपीके फाइल से हुई चूक, फोन रीसेट कर बचे

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आगरा: DVVNL के एपीआरओ का व्हाट्सएप हैक, फर्जी 'आरटीओ चालान' एपीके फाइल से हुई चूक, फोन रीसेट कर बचे

दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) के सहायक जनसंपर्क अधिकारी (एपीआरओ) डॉ. संजीव चौहान का मोबाइल फोन साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। हालांकि समय रहते उन्होंने अपना फोन रीसेट कर दिया, जिससे किसी बड़ी घटना या आर्थिक नुकसान से बचाव हो गया। डॉ. चौहान विभाग का सोशल मीडिया भी संभालते हैं।

कैसे हुई चूक

डॉ. संजीव चौहान के मुताबिक, वह मंगलवार को काम में व्यस्त थे। इसी दौरान उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से ‘आरटीओ चालान’ नाम की एक एपीके (APK) फाइल आई। जल्दबाजी में उन्होंने उस लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके तुरंत बाद उनके व्हाट्सएप नंबर से वही एपीके फाइल अन्य ग्रुपों में अपने आप भेजी जाने लगी। जब परिचितों ने फोन कर इसकी सूचना दी, तब उन्हें मामले की जानकारी हुई और उन्होंने फोन रीसेट कर दिया। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण में उन्हें कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।

क्या है ‘आरटीओ चालान’ एपीके स्कैम

यह ठगी का तरीका देश भर में तेजी से फैल रहा है। साइबर अपराधी व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए ट्रैफिक चालान, बिजली-गैस बिल, कूरियर, केवाईसी अपडेट या डिजिटल शादी कार्ड के नाम पर एपीके फाइल भेजते हैं। यह फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल का एक्सेस ठगों के पास चला जाता है, जिसके बाद वे कॉन्टैक्ट लिस्ट, एसएमएस और ओटीपी तक पहुंच बना सकते हैं और बैंक खातों या यूपीआई से रकम निकाल सकते हैं। कई मामलों में हैकर्स पीड़ित के व्हाट्सएप से उसके परिचितों को भी निशाना बनाते हैं।

हाल ही में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें फर्जी आरटीओ चालान भेजकर व्हाट्सएप हैक करने के बाद ठगों ने पीड़ित के संपर्कों से रकम ऐंठ ली। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा भी इस तरह की एपीके ठगी को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी कर चुकी है।

कैसे बचें

साइबर सुरक्षा एडवाइजरी के मुताबिक, अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और .apk एक्सटेंशन वाली फाइल कभी इंस्टॉल न करें। किसी भी ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या ऐप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और मोबाइल सेटिंग्स में “Install Unknown Apps” विकल्प बंद रखें। परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस चालान भरने के लिए व्हाट्सएप पर एपीके फाइल या निजी लिंक नहीं भेजती; चालान की जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही जांचें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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