थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस के दौरान यात्रियों के घायल होने के मामले में पायलटों के डोप टेस्ट को लेकर नया विवाद सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विमान के दो पायलटों में से एक का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। हालांकि, एयर इंडिया ने इन दावों पर फिलहाल कोई पुष्टि नहीं की है।
एयरलाइन का कहना है कि उसे पायलटों के टेस्ट की रिपोर्ट अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में रिपोर्ट के नतीजे को लेकर किसी तरह की टिप्पणी करना संभव नहीं है।
Air India ने क्या कहा?
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि कंपनी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निर्धारित नियमों के तहत अपने क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट कराती है।
प्रवक्ता के अनुसार, संबंधित फ्लाइट के पायलटों की भी नियमों के मुताबिक उड़ान के बाद स्क्रीनिंग की गई थी। हालांकि, टेस्ट के परिणाम एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। इसलिए कंपनी फिलहाल यह बताने की स्थिति में नहीं है कि किसी पायलट का टेस्ट पॉजिटिव आया या नहीं।
एयर इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि क्रू का ड्रग टेस्ट केवल किसी एक घटना के बाद नहीं, बल्कि नागरिक उड्डयन नियमों के तहत नियमित प्रक्रिया के रूप में किया जाता है। जरूरत पड़ने पर एयरलाइन संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में सहयोग करती रहेगी।
टर्बुलेंस के दौरान 17 लोग हुए थे घायल
यह मामला 4 अगस्त का है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 फुकेत से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान करीब चार से पांच मिनट तक तेज टर्बुलेंस में फंस गया।
टर्बुलेंस इतना तेज था कि विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट का अचानक बदलाव आया। घटना में कम से कम 17 लोग घायल हुए थे, जिनमें चार केबिन क्रू सदस्य भी शामिल थे।
इस फ्लाइट में कुल 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार, घायल क्रू सदस्यों में कुछ को गर्दन और रीढ़ से जुड़ी चोटें आई थीं।
घटना के बाद DGCA ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
डोप टेस्ट पॉजिटिव होने की रिपोर्ट पर अभी पुष्टि नहीं
जांच के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दोनों पायलटों में से एक का साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए किया गया डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है।
हालांकि, एयर इंडिया द्वारा रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने की बात कहे जाने के बाद इस दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि टेस्ट का वास्तविक परिणाम क्या था।
यदि आधिकारिक रिपोर्ट में किसी पायलट के टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जांच और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
टर्बुलेंस के दौरान क्रू ने संभाली स्थिति
घटना के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री ने विमान के क्रू सदस्यों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि टर्बुलेंस के बावजूद क्रू ने यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
मंत्री के मुताबिक, विमान को अभी करीब एक घंटे की उड़ान और पूरी करनी थी, लेकिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच क्रू ने यात्रियों की मदद जारी रखी और स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

