वाराणसी: काशी के लक्सा इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों से जुड़ी दर्दनाक घटना सामने आई है। महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी 53 वर्षीय कारोबारी विशाल विनय मुखर्जी की रविवार को बीमारी के चलते मौत हो गई। इसके अगले ही दिन उनकी पत्नी जया मुखर्जी और 29 वर्षीय बेटे ईशान मुखर्जी ने गेस्ट हाउस के कमरे में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
दोनों के शव लक्सा क्षेत्र स्थित वाची गेस्ट हाउस के कमरे से बरामद किए गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कमरे से सल्फास का एक पैकेट मिला है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
चार दिन पहले काशी आया था परिवार
पुलिस के मुताबिक, खारघर-पनवेल क्षेत्र के निवासी विशाल विनय मुखर्जी, उनकी पत्नी जया और बेटा ईशान करीब चार दिन पहले वाराणसी पहुंचे थे। तीनों 7 अगस्त से गोदौलिया के पास स्थित लक्सा के वाची गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे।
बताया गया कि विशाल पहले से गंभीर रूप से बीमार थे। रविवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिवार उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिता की अंत्येष्टि के बाद गेस्ट हाउस लौटे मां-बेटे
विशाल की मौत के बाद उनकी अंत्येष्टि की गई। सोमवार सुबह उनकी पत्नी और बेटा वापस गेस्ट हाउस पहुंचे और कमरे में चले गए। इसके बाद दोनों काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले।
शाम तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो गेस्ट हाउस कर्मचारियों ने फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का दरवाजा खुलवाया तो दोनों मृत मिले।
कमरे से मिला सल्फास का पैकेट
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के मुताबिक, कमरे की जांच के दौरान सल्फास का पैकेट मिला है। शुरुआती जांच के आधार पर आशंका है कि मां और बेटे ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दी।
हालांकि, दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
लोन और बीमारी के खर्च को लेकर भी जांच
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई है कि विशाल ने किसी काम के लिए लोन लिया था। उनकी लंबी बीमारी के कारण कथित तौर पर लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल हो रहा था और इलाज का खर्च भी बढ़ता जा रहा था।
पुलिस इस आर्थिक परेशानी को भी घटना के संभावित कारणों में शामिल कर जांच कर रही है। साथ ही यह संभावना भी जांची जा रही है कि पिता की अचानक मौत के बाद मां और बेटे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गए हों।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद फोरेंसिक टीम ने गेस्ट हाउस के कमरे का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिवार के दर्ज पते पर संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने परिवार को पहचानने से इनकार किया।
पुलिस अब परिवार के रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि मां-बेटे की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

