लखनऊ: उत्तर प्रदेश सहकारी लेखा परीक्षक संघ के दो दिवसीय अधिवेशन में हरिश्चंद्र गौतम को संघ का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद साथी लेखा परीक्षकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
आजमगढ़ के मूल निवासी हरिश्चंद्र गौतम इससे पहले संघ में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने लेखा परीक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने की बात कही।
पदोन्नति और सेवा संबंधी समस्याओं पर रहेगा फोकस
हरिश्चंद्र गौतम ने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में लेखा परीक्षकों की समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित कराना प्रमुख है। इसके साथ ही वह सॉफ्टवेयर आधारित पारदर्शी आवंटन प्रणाली लागू कराने के लिए भी प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराया जाना जरूरी है। इसके लिए संगठन स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे।
आधुनिक कार्यप्रणाली और प्रशिक्षण पर जोर
नए प्रदेश अध्यक्ष ने लेखा परीक्षा व्यवस्था में आधुनिक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने और कर्मचारियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ लेखा परीक्षा के काम में तकनीक और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल बढ़ना चाहिए, ताकि कामकाज अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी को राजपत्रित पद बनाने की मांग
हरिश्चंद्र गौतम ने सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के पद को राजपत्रित घोषित कराने को भी अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर संघ लगातार संघर्ष करता रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद लेखा परीक्षकों के बीच उत्साह का माहौल रहा। संघ के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नए नेतृत्व में संगठन कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों को प्रभावी तरीके से शासन के सामने रखेगा।

