आगरा के कई इलाकों में पाइपलाइनों से गंगाजल की जगह काला और बदबूदार गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। यमुनापार के महावीर नगर, ट्रांसयमुना कॉलोनी, मंडी समिति के आसपास का क्षेत्र, लोहामंडी, आजमपाड़ा और शंकरगढ़ पुलिया क्षेत्र में लगातार दूषित जलापूर्ति की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलकल विभाग से बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
सुबह-शाम आधे घंटे तक आता है गंदा पानी
महावीर नगर निवासी अजय त्यागी के मुताबिक, जलापूर्ति शुरू होते ही सुबह और शाम दोनों समय करीब आधे घंटे तक गंदा पानी आता है, उसके बाद पानी कुछ साफ होता है। उनका कहना है कि कहीं लीकेज होने की वजह से नाले या सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है।
आजमपाड़ा के रामपुरी क्षेत्र में भी लोगों ने इसी तरह की शिकायत की है। स्थानीय निवासी हरीश शर्मा ने बताया कि घरों में पीला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि इलाके की पानी की लाइनें पांच नालों से होकर गुजरती हैं। क्षेत्रीय लोगों ने लीकेज की मरम्मत कराकर साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
मदिया कटरा में लीक हुई लाइन, दिनभर चली मरम्मत
मदिया कटरा से तोता का ताल जाने वाली पानी की लाइन मंगलवार को लीक हो गई। तोता का ताल से मदिया कटरा तिराहे के बीच कंक्रीट डिवाइडर से सटी यह लाइन लीक हुई थी, जिसकी वजह से मौके पर पानी भरा रहा। दोपहर से मरम्मत का काम शुरू हुआ और शाम तक इसे पूरा कर जलापूर्ति बहाल कर दी गई।
पार्षद बोले — तीन बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
आजमपाड़ा के पार्षद रवि दिवाकर ने बताया कि उनके क्षेत्र में सप्ताह भर से गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि वह तीन बार जलकल विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आशंका जताई कि लापरवाही जारी रही तो खटीकपाड़ा जैसी त्रासदी दोहराई जा सकती है।
पार्षद का इशारा आगरा के उस पुराने मामले की ओर था, जिसमें खटीकपाड़ा और मंडी सईद खां इलाकों में दूषित पेयजल के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े थे और मौतें हुई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दूषित पानी की शिकायतें आगरा में आज भी आम हैं और जलकल विभाग के कंट्रोल रूम पर हर दिन बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें दर्ज होती हैं।
जलकल विभाग ने कहा — टीम भेजकर जांच कराएंगे
जलकल महाप्रबंधक कुमार गौरव ने बताया कि तीन-चार जगहों से गंदे पानी की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर जांच कराई जाएगी कि कहीं लीकेज तो नहीं है, और टीम भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
क्या करें प्रभावित लोग
जब तक लाइनों की जांच पूरी नहीं हो जाती, प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के लिए पानी को उबालकर या फिल्टर कर इस्तेमाल करना बेहतर होगा। साथ ही दूषित जलापूर्ति की शिकायत जलकल विभाग के कंट्रोल रूम में दर्ज कराई जा सकती है, ताकि लीकेज वाले हिस्सों की पहचान जल्दी हो सके।

